अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई के पीछे नताली हार्प के कथित प्रभाव की चर्चा तेज है; ओवल ऑफिस की एक घटना से शुरू हुआ विवाद अब प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करने और अमेरिकी मीडिया के जवाबी बहिष्कार तक पहुंच गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख मीडिया संस्थानों के व्हाइट हाउस में प्रवेश रोकने और प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पूरे घटनाक्रम को इन सवालों के जरिये समझे...
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मीडिया बैन विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर देर रात एक पोस्ट कर सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको के पत्रकारों के व्हाइट हाउस पास तुरंत प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की। झूठ और काल्पनिक खबरें चलाने का आरोप लगाया।
नताली हार्प ने ओवल ऑफिस में क्या किया था?
जब चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जैसे नेता व्हाइट हाउस में नहीं थे, तब हार्प ने ट्रंप को प्रशासन की आलोचना वाले ब्रॉडकास्ट क्लिप्स और एक पोलिटिको इन्फोग्राफिक की चुनिंदा फाइल दिखाई। इससे ट्रंप का गुस्सा चरम पर पहुंच गया।
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ट्रंप के फैसलों पर इतना अधिक प्रभाव क्यों है?
35 वर्षीय नताली हार्प ट्रंप की विशेष व कार्यकारी सहायक हैं। 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें ह्यूमन प्रिंटर कहा गया, क्योंकि पोर्टेबल प्रिंटर रखकर ट्रंप के लिए अनुकूल खबरें और पोल प्रिंट करती थीं। वह उनके ट्रुथ सोशल पोस्ट्स के ड्राफ्ट को काफी हद तक नियंत्रित करती हैं।
विरोध में अमेरिकी टीवी नेटवर्क्स ने क्या कदम उठाया?
उन्होंने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की टीवी पूल कवरेज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। नतीजतन, ट्रंप का एक कार्यक्रम टीवी दर्शकों को बिना आवाज दिखा और केवल हेलिकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी। इसके अलावा वाशिंगटन पोस्ट ने भी फोटो कवरेज कुछ समय के लिए रोक दी।