कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया में तबाही मचाए हुए हैं। सबसे ज्यादा यूरोप और अमेरिकी देशों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों पर एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जताई है। डब्ल्यूएचओ ने नए साल में टीकाकरण पर जोर देने का आग्रह किया है।
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया में तेजी से फैलता जा रहा है। यूरोप और अमेरिका में यह कहर बनकर टूट रहा है। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता जताई है। डब्ल्यूएचओके चीफ टेड्रस अधानोम घेब्रेयेसस ने दुनिया में टीकाकरण की रफ्तार कम होने पर चिंता जताते हुए इसे बढ़ाने की अपील की है।
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महानिदेशक टेड्रस अधनम घेब्रेयेसस ने कहा कि 194 में से 92 देशों ने अपनी कुल आबादी के 60 फीसदी ही टीकाकरण का लक्ष्य को प्राप्त किया है। 40 फीसदी टीकाकरण अब भी बाकी है। उन्होंने सभी देशों से नए साल पर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि जुलाई की शुरुआत तक सभी अपने यहां 70 फीसदी टीकाकरण अभियान को पूरा करे लें, नहीं तो कोरोना महामारी खौफनाक रूप धारण कर लेगी।
अमेरिका और यूरोप में बढ़ रहा ओमिक्रॉन का खतरा
महानिदेशक टेड्रस ने कहा कि अभी भी उम्मीद है कि 2022 में दुनिया सबसे खराब महामारी को पीछे छोड़ देगी। कोरोना के पहली लहर आने के दो साल बाद संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों ने आगाह किया कि ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है यह कहना जल्दबाजी होगी बता दें कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन दक्षिणी अफ्रीका में पाया गया था। हालांकि शुरुआत दौर में इस वैरिएंट से लोगों की जान नहीं जा रही थी, लेकिन धीरे-धीरे अब इसकी चपेट में आने से लोगों की मौत भी हो रही है। ह संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में ओमिक्रॉन तेजी से फैलता जा रहा है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में दर्ज किए गए कोरोना के मामलों की संख्या में पिछले सप्ताह की तुलना में 11 प्रतिशत की बढोतरी हुई है, जिसमें 20-26 दिसंबर तक लगभग 4.99 मिलियन नए मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से आधे से अधिक मामले यूरोप में आए हैं। वहीं, अमेरिका में 34 प्रतिशत वृद्धि के साथ 11.8 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।