व्हाइट हाउस ने एक बार फिर एक चौकाने वाला फैसला लिया है। व्हाइट हाउस ने एलिस स्टेफनिक के संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत बनने के नामांकन को वापस ले लिया है। देखा जाए तो यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के लिए बड़ा कदम है। आइए समझते है कि ट्रंप प्रशासन ने ये बड़ा बदलाव क्यों किया?
व्हाइट हाउस ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत पद के लिए प्रतिनिधि एलिस स्टेफनिक का नामांकन वापस ले लिया है। यह बदलाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के लिए एक चौंकाने वाला कदम है। बता दें कि स्टेफनिक का नामांकन कुछ समय से रुका हुआ था, क्योंकि हाउस रिपब्लिकन की सीटों में बहुत कम अंतर था, जिसके चलते उनके नाम की पुष्टि होने में परेशानी आ रही थी।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने की पुष्टि
एलिस स्टेफनिक के नामांकन की वापसी को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को एक पोस्ट कर इस निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हर रिपब्लिकन सीट को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टेफनिक ने कांग्रेस में रहते हुए रिपब्लिकन पार्टी के प्रयासों में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही ट्रंप ने स्टेफनिक को कांग्रेस में बने रहने के लिए कहा है।
जीत के साथ ही ट्रंप ने किया फैसला
गौरतलब है कि ट्रंप ने पहले नवंबर में चुनाव जीतने के बाद स्टेफनिक को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का प्रतिनिधि बनाने का फैसला किया था। स्टेफनिक को कम विवादास्पद और एक भरोसेमंद कैबिनेट सदस्य माना गया था। उनका नामांकन जनवरी के अंत में समिति से पास हो गया था, लेकिन हाउस रिपब्लिकन के पास कम बहुमत होने की वजह से उनकी पुष्टि में काफी देरी हो रही थी।
हालांकि हाल के हफ्तों में यह लग रहा था कि स्टेफनिक का नामांकन सीनेट में पास हो जाएगा। इसके लिए फ्लोरिडा में हुए दो विशेष चुनावों ने मदद की, जहां ट्रंप ने आसानी से जीत हासिल की थी। इन चुनावों के परिणामस्वरूप खाली हुई रिपब्लिकन सीटों को भरने से स्टेफनिक को हाउस से इस्तीफा देने का मौका मिलता और रिपब्लिकन को कांग्रेस में कानून पारित करने के लिए थोड़ी ज्यादा सहूलत मिलती, क्योंकि डेमोक्रेट्स के पास 213 सीटें थीं और रिपब्लिकन के पास 218 सीटें हैं।