गाजा में लगभग तीन महीने की इस्राइली नाकाबंदी ने आबादी को अकाल के कगार पर पहुंचा दिया है। हालांकि, हालिया इस्राइल के कुछ मदद को आने देने की वजह से दबाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन, संगठनों का कहना है कि अभी भी यहां पर्याप्त खाद्य सामग्री नहीं आ पा रही है। खास तौर पर बच्चों को लेकर गंभीर चिंता सता रही है।
गाजा पट्टी में फलस्तीनियों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के दर्जनों खाद्य ट्रकों को जबरन रोका और खाने का सामान लूट लिया। यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम ( यूएन डब्ल्यूएफपी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। वहीं रेड क्रॉस अस्पताल ने बताया कि इस्राइल समर्थित फाउंडेशन के केंद्र पर सहायता प्राप्त करने जा रहे लोगों पर की गई गोलीबारी में 21 की मौत हो गई। जबकि 175 अन्य लोग घायल हुए। इस्राइल और अमेरिका समर्थित संगठन ने सहायता वितरण केंद्र स्थापित किया है। लोगों ने बुधवार को केंद्र पर हमला कर दिया था।
इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष विराम की बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन भूखे गाजावासियों को भूख मिटाने के सिवाय कुछ नहीं सूझ रहा। हथियारबंद लोगों ने रातों-रात गाजा पट्टी में प्रवेश कर रहे दर्जनों सहायता ट्रकों को अगवा कर लिया। इसमें उनके साथ सैकड़ों हताश फलीस्तीनी भी शामिल हो गए। डब्ल्यूएफपी ने कहा कि गाजा की मदद के लिए 77 ट्रक ले जाए जा रहे थे। इनमें अधिकतर में आटा भरा था।
गाजा में इस समय अकाल के हालात
गाजा में लगभग तीन महीने की इस्राइली नाकाबंदी ने आबादी को अकाल के कगार पर पहुंचा दिया है। हालांकि, हालिया इस्राइल के कुछ मदद को आने देने की वजह से दबाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन, संगठनों का कहना है कि अभी भी यहां पर्याप्त खाद्य सामग्री नहीं आ पा रही है। खास तौर पर बच्चों को लेकर गंभीर चिंता सता रही है।