पश्चिम एशिया में बीते 22 महीने से हिंसक संघर्ष जारी है। गाजा पट्टी में इस्राइली सेना के हमले में बीते 24 घंटे में 123 और लोग मारे गए हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमास के कब्जे में फंसे बंधकों के साथ यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। अब तक कुल मृतकों का आंकड़ा 61 हजार के पार जा चुका है।
इस्राइल ने गाजा सिटी पर कब्जे की योजना की घोषणा के बाद से हमले तेज कर दिए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 24 घंटे में इस्राइली हमले में कम से कम 123 लोग मारे गए हैं। इस्राइली विमानों और टैंकों ने गाजा शहर के पूर्वी इलाकों में रात भर भारी बमबारी की। इसमें जितून और शेजिया इलाकों में कई घर तबाह हो गए। बता दें कि अक्तूबर, 2023 में हमास के हमले के बाद शुरू हुए इस हिंसक संघर्ष में बीते 22 महीने में अब तक 61 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। गोलाबारी के बीच 1.50 लाख से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।
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फलस्तीनी चिकित्सकों ने दी जानकारी
अल-अहली अस्पताल ने बताया कि जितून में एक घर पर हुए हवाई हमले में 12 लोग मारे गए। टैंकों ने दक्षिणी गाजा में खान यूनिस के पूर्व में भी कई घरों को नष्ट कर दिया। फलस्तीनी चिकित्सकों ने बताया कि केंद्र में इस्राइली गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में मदद के लिए आए नौ लोग मारे गए। इस पर इस्राइली सेना ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
बंधक लोगों किया जा रहा यौन उत्पीड़नः रिपोर्ट
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को गाजा में हमास की कैद से रिहा हुए 12 बंधकों द्वारा झेली गई क्रूर परिस्थितियों का खुलासा करते हुए एक भयावह रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में अक्तूबर 2023 के संघर्ष के बाद से बंधक बनाए गए पुरुषों व महिलाओं द्वारा झेले जा रहे गंभीर शारीरिक और मानसिक शोषण, भुखमरी और चिकित्सा की कमी का उल्लेख किया गया है।
जिनका अपहरण हुआ उन्हें कई यातनाएं झेलनी पड़ीं
रिपोर्ट लिखने वाली मंत्रालय के चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. हगर मिजराही ने कहा, यह रिपोर्ट पढ़ना बहुत मुश्किल है। यहां जिन बातों का मैं विस्तार से वर्णन कर रही हूं, उससे भी ज्यादा मुश्किल। अपहृत लोगों को भूख, दुर्व्यवहार, मारपीट, गंभीर हिंसा और बांधकर रखने जैसी कई यातनाएं झेलनी पड़ीं।
कुछ बंधकों की स्वास्थ्य स्थिति बहुत गंभीर
हमास के कब्जे में फंसे बंधकों में से कुछ लोगों की स्वास्थ्य स्थिति बहुत गंभीर है। बचे हुए लोगों ने लगातार यौन उत्पीड़न, अपमान और धमकी का वर्णन किया। एक महिला बंदी ने अपने अपहरणकर्ताओं द्वारा महीनों तक किए गए दुर्व्यवहार के बारे में बताया।