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पश्चिम एशिया संकट: 'ईरान पर हमलों का समर्थन न करने के फैसले पर कायम', ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर का बड़ा बयान

Mon, 02 Mar 2026 10:13 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।

सार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान पर अमेरिका-इस्राइल हमले का समर्थन न करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय हित में निर्णय लिया और उसी पर कायम हैं, जबकि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जताई है। पढ़ें रिपोर्ट-
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कीर स्टार्मर - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के शुरुआती साझा हमले का समर्थन न करने के अपने फैसले पर कायम हैं। अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले के लिए ब्रिटेन से उसके डिएगो गार्सिया हवाईअड्डे का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। ब्रिटेन ने इसकी मंजूरी देने में देरी की। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए स्टार्मर की आलोचना की थी। स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में क्या है, इसका आकलन करना मेरा कर्तव्य है। मैंने वही किया है, और मैं उस पर कायम हूं।
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ब्रिटेन के शरणार्थी नियमों में बड़ा फेरबदल
ब्रिटेन की गृह सचिव शबाना महमूद ने देश की शरण प्रणाली में ऐतिहासिक सुधारों की घोषणा की है। नए नियमों के तहत अब ब्रिटेन में मिलने वाला रिफ्यूजी स्टेटस स्थायी नहीं रहेगा। सोमवार से प्रभावी इस व्यवस्था में शरण का दावा करने वाले सभी वयस्कों की स्थिति की हर 30 महीने में समीक्षा की जाएगी। महमूद ने इसे एक सख्त लेकिन निष्पक्ष कदम बताया है। यह बदलाव डेनमार्क के मॉडल से प्रेरित है जिसने इसी तरह के दृष्टिकोण से एक दशक में शरण के दावों में 90 फीसदी तक की कमी की है।

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नए प्रावधानों के अनुसार यदि समीक्षा के समय किसी शरणार्थी का गृह देश सुरक्षित पाया जाता है तो उसे वापस लौटना होगा। पिछले सिस्टम में पांच साल की सुरक्षा के बाद लगभग स्वतः ही स्थायी निवास मिल जाता था लेकिन अब सुरक्षा की निरंतर आवश्यकता जांची जाएगी। फिलहाल परिवार को स्पॉन्सर करने के विकल्प पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि, कौशल रखने वाले शरणार्थी वर्क या स्टडी वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार उम्र के गलत दावों को पकड़ने के लिए एआई तकनीक का भी परीक्षण कर रही है। गौरतलब है कि, पिछले साल ब्रिटेन में शरण मांगने वालों में भारतीय सातवें स्थान पर थे।

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