बेंजामिन नेतन्याहू, इस्राइली प्रधानमंत्री
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है। सोमवार को नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम सिर्फ इस्राइल ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का मकसद केवल अपनी सुरक्षा करना नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा को भी मजबूत करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ का तीसरा दिन है, जिसे इस्राइल ने अपने सहयोगी अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर शुरू किया है।
उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य इस्राइल के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों और अमेरिका सहित पूरी दुनिया के लिए खतरा बने ईरानी सैन्य कार्यक्रम को रोकना है। नेतन्याहू यह बयान उस समय दे रहे थे जब वे बेइत शेमेश शहर का दौरा कर रहे थे, जहां रविवार को ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल रिहायशी इलाके में आ गिरी। इस हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह शहर यरुशलम से करीब 35 किलोमीटर दूर है।
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‘खतरा सिर्फ इस्राइल तक सीमित नहीं’
अपने बयान में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान खुले तौर पर इस्राइल और अमेरिका की मौत जैसे नारे लगाता है, लेकिन उसका खतरा यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान यूरोप को भी निशाना बना सकता है। उन्होंने इशारा किया कि साइप्रस में एक ब्रिटिश ठिकाने पर हमले की खबर इसी खतरे का उदाहरण है।
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परमाणु हथियारों पर सख्त चेतावनी
इसके साथ ही इस्राइली प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर ईरान परमाणु हथियार और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल कर लेता है, तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी आशंका को देखते हुए इस्राइल ने सैन्य कार्रवाई शुरू की है। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास तौर पर धन्यवाद किया और कहा कि इस अहम अभियान में अमेरिका का साथ दुनिया को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गौरतलब है कि शनिवार को एक संयुक्त अमेरिका-इस्राइल अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल पर कई हमले किए, जिनमें करीब 10 लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए।
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