ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान इस्लामिक गणराज्य नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान में मौजूदा शासन को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए। पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि वे केवल शासन और दमन करने वाले तंत्र को ही निशाना बनाएं। उन्होंने अनुरोध किया कि आम जनता की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचाया जाए।
क्या बोले रजा पहलवी?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में पहलवी ने लिखा कि ईरान का बुनियादी ढांचा वहां के लोगों का है। यह आजाद ईरान के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा इस्लामी गणराज्य का ढांचा दमन और आतंक का वह तंत्र है जिसका इस्तेमाल उस भविष्य को साकार होने से रोकने के लिए किया जाता है। ईरान की रक्षा की जानी चाहिए। इस शासन को उखाड़ फेंकना होगा।
पहलवी ने आगे कहा मैं राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से आग्रह करता हूं कि वे शासन और उसके दमनकारी तंत्र को निशाना बनाना जारी रखें, जबकि ईरानियों को अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक नागरिक ढांचे को बख्श दें। अमेरिका और इस्राइल के समर्थन से, और सबसे बढ़कर ईरानी देशभक्तों के बलिदान से, ईरान की स्वतंत्रता का समय निकट है। ईरान जिंदाबाद!
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कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले
इसी बीच, खाड़ी देश कुवैत ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अल जजीरा के अनुसार, कुवैत की सेना ने एक बयान जारी कर बताया कि वहां सुनाई दे रहे धमाकों की आवाजें मिसाइलों को हवा में नष्ट करने की वजह से आ रही हैं। सेना ने आम लोगों से अपील की है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
इस्राइली सेना ने बरामद किए टैंक रोधी मिसाइल
दूसरी तरफ, इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी है। इस्राइली सेना ने बताया कि उनके सैनिकों ने वहां एक टैंक रोधी मिसाइल पोस्ट और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। सेना ने सोशल मीडिया पर इन हथियारों की तस्वीरें भी साझा की हैं।
यूएई पर भी जारी हैं हमले
ईरान की तरफ से हुए मिसाइल हमलों के बाद इस्राइल के दक्षिणी और मध्य इलाकों में मिसाइलों के टुकड़े गिरने की खबरें मिली हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कई जगहों पर यह मलबा गिरा है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का रक्षा मंत्रालय भी ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों का सामना कर रहा है। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें मिसाइलों को रोकने की वजह से हैं। उनके लड़ाकू विमान और रक्षा प्रणालियां इन खतरों को लगातार नाकाम कर रही हैं।
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