क्या ईरान में अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए अमेरिका के गुप्त मिशन की जानकारी समय से पहले लीक हो गई थी? क्या इस लीक से लोगों की जान खतरे में पड़ गई? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ताजा बयान ने इन गंभीर सवालों को जन्म दिया है। उन्होंने ये दावा करते हुए इस ऑपरेशन के उजागर होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ की कड़ी चेतावनी भी दी है। आइए जानते हैं।
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए अमेरिका के तरफ से चलाए गए एक गुप्त ऑपरेशन की जानकारी किसी ने मीडिया में लीक कर दी थी। ट्रंप ने इस गुप्त ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी लीक होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के बारे में पहले काफी समय तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी, ताकि ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
पायलट की जान जोखिम में- ट्रंप
ट्रंप ने आगे बताया कि इस लीक के चलते दुश्मनों को यह पता चल गया कि एक व्यक्ति को बचाया जा चुका है और दूसरा अभी भी खतरे में है। इससे उस व्यक्ति की जान को बड़ा जोखिम पैदा हो गया, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही थी। इसके साथ ही इस लीक के चलते मिशन में शामिल सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई।
ट्रंप ने इस बात पर जताई कड़ी नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटना को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया। साथ ही कहा कि जिसने यह खबर प्रकाशित की है, उसे अपने स्रोत का नाम बताना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नाम सामने नहीं आया, तो संबंधित व्यक्ति को जेल भी जाना पड़ सकता है। इसके साथ ही ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस तरह की लीक न सिर्फ मिशन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन जाती है। अब इस मामले में लीक करने वाले की पहचान करने और सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।