इराक के मोसुल में शिकार वाली राइफलें, पिस्तौल और आयुध से जुड़ी मैगजीनों की बिक्री बढ़ रही है। साथ ही असलहों की नई दुकानें खुल रही हैं। इस्लामिक स्टेट शासन के बाद यहां के लोग निजी हथियार रखने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं।
इस शहर पर इस्लामिक स्टेट का कब्जा करीब तीन सालों तक रहा है। जिसके बाद यहां से जिहादियों को इराकी सुरक्षाबलों ने 2017 के मध्य में खदेड़ दिया था। लेकिन यहां जिहादियों के स्लीपर सेल अब भी सक्रिय हैं। मोसुल के पास कम से कम आधा दर्जन बंदूक कारोबारियों के हथियारों की बिक्री बढ़ गई है।
इन दुकानों में से एक के मालिक ने कहा, "हमें काफी ग्राहक मिल रहे हैं।" उन्होंने बताया कि उनके सभी ग्राहकों के पास हथियार रखने की अनुमति है। और कई के पास सशस्त्र बलों की सदस्यता का कार्ड भी है। स्मॉल आर्म्स सर्वे के अनुसार दुनियाभर में नागरिकों के हथियार रखने की दर इराक में सबसे ज्यादा है।