France: फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के बारे में यह अफवाह फैलाई गई कि वह कभी पुरुष थीं और उन्होंने लिंग परिवर्तन कराया। इस मामले में दो महिलाओं के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया गया, जिन्हें पहले निचली कोर्ट ने दोषी माना गया था लेकिन अब अपील कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब यह मामला फ्रांस की सर्वोच्च अदालत में पहुंच गया है, जहां दोबारा सुनवाई होगी।
फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों ने अपने बारे में फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर दो महिलाओं के खिलाफ देश की सबसे शीर्ष अपील कोर्ट में मामला दर्ज कराया है। दावा किया जा रहा था कि ब्रिजिट मैक्रों कभी पुरुष थीं और बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन कराया। उनके वकील ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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पिछले हफ्ते पेरिस की अपील कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें दोनों महिलाओं को दोषी ठहराया गया था। इन महिलाओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए यह अफवाह फैलाने का आरोप था कि ब्रिजिट मैक्रों पहले एक पुरुष थीं। ये अफवाहें इंटरनेट पर वायरल हो गई थीं।
ब्रिजिट मैक्रों की उम्र उनके पति राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से 24 साल ज्यादा है और इस अंतर को लेकर पहले भी लोग कई तरह की बातें करते रहे हैं। लेकिन हालिया आरोपों ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी। ब्रिजिट मैक्रों ने इन महिलाओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। दिसंबर 2021 में एक यूट्यूब वीडियो में यह दावा किया गया कि ब्रिजिट का असली नाम 'जीन-मिशेल ट्रोग्नू' है, जो वास्तव में उनके भाई का नाम है।
इस वीडियो में आध्यात्मिक बातों विश्वास रखने वाली अमांडिन रॉय नाम की एक महिला ने नताशा रे नाम की एक पत्रकार से चार घंटे तक बात की थी। इसी बातचीत के दौरान ब्रिजिट मैक्रों के बारे में ये झूठे और विवादित दावे किए गए थे। अब मामला फ्रांस की शीर्ष अपील कोर्ट में है, जहां यह तय किया जाएगा कि इन दावों को फैलाने वाली महिलाओं को सजा मिलेगी या नहीं।