फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रिटेन में 'ब्रेक्जिट' के मुद्दे के बीच मतदान शुरू, कल आएंगे नतीजे

Thu, 12 Dec 2019 02:57 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • लेबर पार्टी : जलियांवाला  बाग नरसंहार पर माफी मांगेंगे
  • कंजरवेटिव : भारतवंशियों की वीजा समस्या जल्द दूर करेंगे
विज्ञापन
बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के गतिरोध को दूर करने के लिए गुरुवार को आम चुनाव हुए। ‘ब्रेक्जिट’ यानी यूरोपियन संघ से अलग होने के मुद्दे पर 2016 में हुए जनमत संग्रह के बाद से देश की राजनीति शिथिल पड़ गई है। पांच साल से कम समय में तीसरी बार आम चुनाव हो रहे हैं।

विज्ञापन


ब्रिटेन की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस में 650 सीटों के लिए इस साल 3,322 उम्मीदवार चुनाव में खड़े हुए हैं। इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और नॉर्दर्न आयरलैंड के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान केंद्र अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह सात बजे शुरू हो गए। अंतरराष्ट्रीय समयानुसार रात 10 बजे मतदान खत्म होने पर मतगणना शुरू होगी। अधिकतर नतीजे शुक्रवार सुबह तक घोषित हो जाएंगे।

अगर हाउस ऑफ कॉमंस में किसी पार्टी के आधे सांसद (326) चुनकर आते हैं तो वही पार्टी आमतौर पर सरकार बनाती है। अगर किसी भी पार्टी के पास बहुमत नहीं है तो वह एक या दो अन्य दलों के अधिकतर सांसदों का गठबंधन बनाकर सरकार बना सकती है।
विज्ञापन


इन चुनावों में मुख्य टक्कर सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी और मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के बीच है। इस बार के चुनाव में दोनों ही पार्टियां भारतीय मूल के लोगों को लुभाने में लगी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ब्रेग्जिट के अलावा जलियांवाला बाग कांड से लेकर कश्मीर का मुद्दा छाया हुआ है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपनी पार्टी के ‘ब्रेक्जिट पूरा हो’ के संदेश पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं जबकि विपक्षी दल अंतिम ब्रेक्जिट समझौते पर फिर से जनमत संग्रह कराना चाहते हैं और वे घरेलू मुद्दों जैसे कि संकटग्रस्त सरकार पोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

31 अक्तूबर की अंतिम समयसीमा तक ब्रेक्जिट लागू करने में नाकाम रहने के बाद जॉनसन ने 12 दिसंबर को चुनाव कराने की घोषणा कर दी थी।

लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन के कश्मीर पर दिए बयान के बाद भारतीय मूल के लोगों में गुस्सा देखकर पार्टी ने जहां सफाई पेश करना शुरू किया वहीं उसने वादा किया कि यदि वह सत्ता में आई तो वह एक सदी पहले हुए जलियांवाला बाग नरसंहार पर भारत से औपचारिक माफी मांगेगी। लेबर पार्टी ने यह वादा सिर्फ दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के वोट हासिल करने के लिए किया है। 

जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कंजरवेटिव पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए भारतीय मूल के लोगों को वीजा और वहां रह रहे लोगों के भारतीय रिश्तेदारों को रियायतें देने का वादा भी किया है। बोरिस जॉनसन को लेकर हिंदी गाना भी चुनाव प्रचार में वायरल किया गया है जिसमें पार्टी प्रत्याशी शैलेश वारा ने जॉनसन को जिताने की अपील की है।

बैलट पेपर पर होगा मतदान
सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक वोट पड़ेंगे। मतदान केंद्र प्राथमिक स्कूल, कम्युनिटी हॉल और चर्चों को बनाया गया है। खास बात ये है कि यहां पर मतदान बैलट पेपर पर होता है। बैलट पेपर पर मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के आगे क्त्रसॅस (एक्स) का साइन लगाना होता है और बैलट को सीलबंद बैलट बॉक्स में डालना होता है।

  • 650 संसदीय क्षेत्रों में होगा मतदान
  • 326 सीटों की जरूरत सरकार बनाने के लिए
Trending Videos

48 सीटों पर असर डालेंगे भारतवंशी

ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई वोटरों की कुल संख्या 30 लाख है। इनमें 15 लाख प्रवासी भारतीय हैं। इनका ध्रुवीकरण ब्रिटेन में चुनावी नतीजा प्रभावित करेगा। इनका वोट 48 सीटों के नतीजों को सीधे प्रभावित करेगा। इसलिए पार्टियां इस गुट की अहमियत स्वीकार करती हैं।

अमेरिका से रिश्ते पर असर
अमेरिका की निगाहें भी ब्रिटेन के संसदीय चुनावों पर लगी है। यह चुनाव ब्रिटेन के अमेरिका से रिश्ते भी तय करेगा। यदि बोरिज जॉनसन जीतते हैं तो अमेरिका से ब्रिटेन के रिश्ते अच्छे होंगे और यदि जेरेमी कॉर्बिन जीतते हैं तो अमेरिका व अटलांटिक देशों से रिश्तों में कड़वाहट आएगी।
विज्ञापन

त्रिशंकु सदन की आशंका

एक प्रमुख सर्वेक्षण में पता चला है कि त्रिशंकु सदन आ सकता है। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिले ऐसी संभावना है। इसके पीछे यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने के फैसले (ब्रेग्जिट) को लेकर पार्टियों में तकरार बड़ा कारण है। देश में कई लोग ब्रेग्जिट के विरुद्ध हैं जो निश्चित ही कंजरवेटिव के खिलाफ मतदान करेंगे।

सट्टा बाजार का अनुमान
ब्रिटिश चुनाव में सट्टा बाजार भी हवा का रुख दिखा रहा है। सट्टा बाजार के भाव बताते हैं कि सटोरिए भी कंजरवेटिव पार्टी की जीत का अनुमान लगा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें