अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि सीमा पार सक्रिय आतंकी समूहों के कारण भारत को गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत की समस्या को अमेरिका भलीभांति समझता है। लेकिन अमेरिकी सांसद कश्मीर व नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर चिंतित हैं।
वार्ता का मकसद ठोस नतीजा निकले
वेल्स ने कहा, भारत-अमेरिका में टू प्लस टू वार्ता का मकसद है कि रणनीतिक तौर पर कुछ ठोस नतीजा निकले। यह व्यापक बदलाव लाने वाला साबित होगा। दोनों देश लगातार रक्षा समझौतों को लागू करने की दिशा में काम करते रहेंगे। उदाहरण के तौर पर औद्योगिक सुरक्षा समझौता अब हमारे निजी क्षेत्रों के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास की दिशा में एक नई राह खोलने वाला साबित होगा। हालांकि, इस समझौते पर अभी दस्तखत किया जाना बाकी है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।