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इस्राइल में मतदान जारी: अब तक 12 लाख वोट पड़े, 1996 के बाद सबसे ज्यादा शुरुआती वोटिंग

Tue, 27 Oct 2026 11:05 AM IST
पवन पांडेय एएनआई, येरूशलम

सार

इस्राइल में मंगलवार को आम चुनाव के लिए मतदान जारी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद को मजबूत नेता के रूप में पेश करते हुए अपनी लिकुड पार्टी के पक्ष में वोट मांगे। वहीं, उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने 7 अक्तूबर 2023 के हमास हमले की याद दिलाकर सरकार बदलने और स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की मांग की है।
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इस्राइल में मतदान जारी - फोटो : ANI
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विस्तार
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 इस्राइल में संसद के चुनाव के लिए मतदान के शुरुआती घंटों में मतदाताओं की अच्छी भागीदारी दर्ज की गई है। स्थानीय समय के अनुसार, सुबह 10 बजे तक 16.7 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। यह 2022 के चुनाव में इसी समय तक दर्ज 15.9 प्रतिशत मतदान से अधिक है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस बार मतदान को लेकर लोगों में ज्यादा उत्साह दिखाई दिया है। चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने प्रमुख चुनौती पेश कर रहे गादी आइजेनकोट भी मतदान के दिन सक्रिय नजर आए।
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केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, सुबह 10 बजे तक करीब 12 लाख वोट डाले जा चुके थे। यह आंकड़ा 1996 के बाद से इस समय तक दर्ज सबसे ज्यादा मतदान बताया गया है। 1996 में नेतन्याहू ने पहली बार प्रधानमंत्री पद हासिल किया था। इस चुनाव में मतदान के शुरुआती आंकड़े इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि इनके जरिए मतदाताओं की भागीदारी का अंदाजा लगाया जा रहा है। हालांकि, केवल शुरुआती मतदान प्रतिशत से चुनाव के नतीजों या किसी पार्टी की जीत का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

नेतन्याहू ने विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संदेश में विपक्षी दलों को वामपंथी गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में आता है तो उसे अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने मतदाताओं से उनकी लिकुड पार्टी को वोट देने की अपील की। वह अपने चुनाव प्रचार में खुद को देश की सुरक्षा के लिए मजबूत नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
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विपक्ष ने बदलाव के दिए संदेश
यिसराइल बेतेनु पार्टी के नेता एविगडोर लिबरमैन ने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना इस्राइल को मजबूत बनाने के पक्ष में वोट देना है। उन्होंने अनिवार्य सैन्य या नागरिक सेवा, कानून के सामने समानता और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठाए। वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के यायर गोलान ने भी सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू सरकार 7 अक्तूबर के हमले की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने का विरोध करती रही है।



इस्राइल में ऐसे बनेगी नई सरकार
मतगणना के बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग चुनाव जीतने वाली पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसके बाद वह उस सांसद को सरकार बनाने का मौका देंगे, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे अच्छी संभावना होगी। उसे गठबंधन बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर 14 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी जा सकती है। यदि पहला प्रयास विफल रहता है, तो दूसरे नेता को 28 दिन का समय दिया जा सकता है। आगे भी सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम रहने पर देश में फिर चुनाव हो सकते हैं। नई सरकार बनने तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

इस्राइल में संसदीय चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। देश में 73 लाख से अधिक मतदाता 120 सदस्यीय संसद (नेसेट) चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए हजारों मतदान केंद्र, कैमरे और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव के दिन इंटरसिटी सार्वजनिक परिवहन और रेल सेवाओं में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी की गई है।

देशभर में 12,018 मतदान केंद्र
केंद्रीय चुनाव समिति के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने के मुताबिक, देशभर में 12,018 मतदान केंद्र और 18,000 मतपेटियां तैयार की गई हैं। इनमें से 6,209 मतदान केंद्र दिव्यांगों और विशेष जरूरत वाले मतदाताओं के लिए सुलभ बनाए गए हैं। चुनाव की तैयारियों में करीब 1.5 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे हैं, जिनमें मतदान के दिन तैनात लगभग एक लाख कर्मी भी शामिल हैं।

सुरक्षा के लिए 15 हजार कैमरे
मतदान और मतगणना की निगरानी के लिए करीब 15,000 कैमरे लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया की निगरानी और किसी भी गड़बड़ी को दर्ज करने के लिए किया जाएगा। मतदाताओं के वोट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मतदान के दौरान किसी को यह पता नहीं चल सकेगा कि किस मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है। मतदाताओं पर दबाव डालने या उन्हें धमकाने जैसी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।

690 मिलियन शेकेल का बजट
चुनाव कराने के लिए 690 मिलियन इस्राइली शेकेल (करीब 223 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का बजट रखा गया है। मतदान के लिए 1.2 करोड़ लिफाफे और मतपत्र संबंधी सामग्री तैयार करने के लिए 250 टन कागज की व्यवस्था की गई है। करीब 50 हजार चुनाव कर्मचारियों को 2,140 प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण दिया गया है।

सैनिकों और मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
600,000 से अधिक ऐसे मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जो अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर नहीं पहुंच सकते। इनमें सैनिक, राजनयिक और अस्पताल में भर्ती मरीज शामिल हैं। इनके लिए अलग लिफाफा प्रणाली के माध्यम से मतदान की सुविधा दी गई है। इसके तहत दोबारा वोट डालने से रोकने और सभी के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए जांच की व्यवस्था है।

34 पार्टियां मैदान में
इस बार चुनाव में 34 राजनीतिक दल हिस्सा ले रहे हैं। इस्राइल में पूरे देश को एक ही निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है। मतदाता सीधे उम्मीदवार के बजाय पार्टी की सूची को वोट देते हैं। संसद में जगह पाने के लिए किसी पार्टी को कम से कम 3.25 प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी है। इस आधार पर उसे कम से कम चार सीटें मिल सकती हैं।

4 नवंबर को आएंगे आधिकारिक नतीजे
मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात 10 बजे समाप्त होगा। मतदान खत्म होने के बाद टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल आने की उम्मीद है। मतगणना के बाद शुरुआती तस्वीर कुछ घंटों में साफ हो सकती है, लेकिन सरकार बनाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने में समय लग सकता है। अंतिम मतगणना शुक्रवार तक पूरी होने की उम्मीद है, जबकि आधिकारिक नतीजे 4 नवंबर को जारी किए जाने हैं।
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