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UN: भारतीय युवाओं के सेवा के जज्बे को सम्मान देते स्वयं सेवक पुरस्कार

Fri, 09 Dec 2022 03:18 PM IST
शैलजा श्रीवास्तव यूएन हिंदी समाचार

सार


संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा स्थापित स्वयंसेवक पुरस्कारों (वी-पुरस्कारों) के पांचवें संस्करण में, इस वर्ष भारत में, अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस (IVD) पर देशभर के 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-वाहकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समुदायों में विकास संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए असाधारण कार्य किए हैं।
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वी-पुरस्कारों के पांचवें संस्करण में, देश भर के 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-निर्माताओं को सम्मानित किया - फोटो : UNV India
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विस्तार
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2022 के अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस की थीम थी- 'स्वयंसेवा के जरिए एकजुटता', जिसके तहत मुख्य संदेश है- स्वयंसेवा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक मानवता की शक्ति।
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स्वयंसेवा को प्रेरित करता यूएनवी (UN Volunteer) का अभियान, 'Together, act now', एकता और तत्काल कार्रवाई को प्रोत्साहित करता है, और देशभर में स्वयंसेवकों के अमूल्य योगदान को पहचानने के साथ-साथ, स्वयंसेवा को बढ़ावा देने और लोगों को स्वयंसेवा के लिए जुटाने का काम करता है।

इस दिन, युवा मामलों और खेल मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र स्वयंसेवकों (यूएनवी) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा स्थापित स्वयंसेवी पुरस्कारों (वी-पुरस्कारों) के पांचवें संस्करण के तहत एक समारोह में, स्वयंसेवकों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना के लिए 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-निर्माताओं को सम्मानित किया गया।
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पुरस्कार विजेताओं के नाम 

1. महाराष्ट्र की संस्कृति दलवी ने 14 साल की छोटी उम्र में अपने इलाके में पानी की कमी से निपटने के लिए 100 से अधिक युवाओं को जल संरक्षण तकनीक के लिए एकजुट किया, जिससे जमीनी जल का स्तर 600 फीट से बढ़कर 60 फीट पर पहुंच गया है।

2. राजस्थान के अधि दैव ने स्थानीय समुदायों को केवल एक लीटर पानी से पौधे उगाने की तकनीक सिखाकर 15 एकड़ रेगिस्तानी इलाके को हरा-भरा कर दिया।

3. आंध्र प्रदेश के गोभानु कोरीसेपति ने माइक्रो-फाइनेंस संस्था के माध्यम से 2 हजार 700 महिलाओं और परिवारों को लाभ पहुंचाया और उन्हें अब तक कुल 1.23 करोड़ का त्रृण मुहैया करवा चुके हैं।

4. उत्तर प्रदेश के आकाश सिंह, जेल के कैदियों को आजीविका संबंधी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जल प्रदूषण और अपशिष्ट प्रबंधन से निपटने में भी मदद कर रहे हैं।

5. हरियाणा के आर्यन जैन अपने ऐप ‘धन दनादन’ के जरिये वित्तीय साक्षरता फैलाकर, कमजोर वर्ग के लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं।

6. तमिलनाडु की अश्विनी रमेश एक कानून संबंधी पोर्टल के माध्यम से कमजोर तबके को कानूनी सलाह और मदद मुहैया करवाती हैं।

7. दिल्ली के नव अग्रवाल लोगों को जुटाकर अपशिष्ट प्रबंधन, री-सायक्लिंग और पेड़ लगाकर हरियाली बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

8. पश्चिम बंगाल के मोहम्मद सिराज अपनी युवा स्वयंसेवकों की संस्था के तहत बच्चों-युवाओं के अधिकारों पर काम करने के साथ-साथ गंगा के पानी को स्वच्छ करने के लिए भी अभियान चलाते रहे हैं।

9. आंध्र प्रदेश के भरत बिसाठी ने अपने गांव के युवाओं को 21वीं सदी के कौशलों का प्रशिक्षण देने और बाल-विवाह के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभाई है।

10. कर्नाटक की मोहना चंद्रा ने शिक्षा पर केंद्रित अपनी संस्था के जरिये, सेरिब्रल पाल्सी के बच्चों और ऑटिस्टिक बच्चों की शिक्षा के लिए सफलतापूर्वक कई कार्यक्रम चलाए हैं।


 न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में SDG Moment 2022 का एक दृश्य. यूएन स्वयंसेवक भी एसडीजी प्राप्ति में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं.

निस्वार्थ भाव की प्रशंसा

भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर (RCO) शोम्बी शार्प ने इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का संदेश पढ़ते हुए दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस पर हम निष्पक्ष समाज और एक स्वस्थ ग्रह के निर्माण की दिशा में स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और योगदान का सम्मान करते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारत सरकार में युवा मामलों और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने वी-अवॉर्ड विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए आशा व्यक्त की कि स्वयंसेवकों के प्रयास लाखों अन्य स्वयंसेवकों को प्रेरित करके बदलाव करने में सक्षम होंगे।

उन्होंने स्वयंसेवको के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवाओं ने सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सा और सामुदायिक प्रतिक्रिया की अग्रिम पंक्ति में रहकर जरूरत के इस समय में स्वयंसेवा की जो अटूट भावना दिखाई है, वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा का पूर्ण उपयोग करने के लिए भारत सरकार का युवा मामलों का विभाग, व्यक्तित्व-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण के दोहरे उद्देश्यों पर काम करता है। मतलब यह कि युवाओं और किशोरों के व्यक्तित्व का विकास करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण की विभिन्न गतिविधियों में शामिल करना।

एसडीजी प्राप्ति में सहयोग

वहीं, यूएनडीपी की स्थानीय प्रतिनिधि शोको नोडा ने कहा कि स्वयंसेवा की भावना सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की भावना भी है। दुनियाभर में यूएनडीपी के साथ संयुक्त राष्ट्र के स्वयंसेवक- शांति निर्माताओं, इंजीनियरों, लैंगिक समानता के पैरोकारों और युवा सलाहकारों के रूप में एसडीजी को समुदायों तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

भारत में यूनीसेफ की देश प्रतिनिधि सिन्थिया मैककैफ्रे ने आईवीडी 2022 समारोह के दौरान स्वयंसेवकों और युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि एसडीजी प्राप्त करने के लिए आपने जिस साहस और नेतृत्व का प्रदर्शन किया है, वह बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण है।

भारत में यूएनएफपीए की रेजिडेंट प्रतिनिधि एंड्रिया एम वोजनार ने भारत के युवाओं को अधिक समर्थन देने पर जोर दिया ताकि वे एक स्थाई बदलाव ला सकें। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल हम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं खासतौर पर युवाओं के लिए। लेकिन ध्यान दें- आपको हमारा समर्थन है, हम आपकी आवाज सुनते हैं, उसका मूल्य समझते हैं और आपकी सराहना करते हैं। अब हम सबकी ताकत 8 अरब की हो चुकी है- मतलब यह कि मानवता मजबूत हुई है और इस ताकत का एक बड़ा हिस्सा युवाओं से आता है- जो भारत की नब्ज हैं।
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यूएनवी में एशिया प्रशांत क्षेत्र की क्षेत्रीय प्रबंधक शालिना मियाह ने अपने वोट ऑफ थैंक्स में संयुक्त राष्ट्र की मजबूत साझेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि इससे दुनियाभर में स्वयंसेवा का समर्थन जारी है। स्वयंसेवा लोगों को एक अंतर लाने का अवसर देती है और दुनियाभर के समुदायों में एकजुटता और समावेशन को मजबूत करती है।

(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
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