पुतिन और नेतन्याहू के बीच चर्चा इस माह की शुरुआत में ड्रूज-बहुल शहर में सांप्रदायिक अशांति के बाद, स्वीदा व दमिश्क में सीरियाई सैन्य ठिकानों पर इस्राइली हवाई हमलों के बाद हुई। स्वीदा प्रांत में 13 जुलाई को शुरू हुई और एक हफ्ते तक चली झड़पों में शुरुआत में द्रुज लड़ाके और सुन्नी बेडौइन जनजातियां शामिल थीं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू में ईरान के मुद्दे पर बातचीत हुई। मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए इस्राइली पीएमओ ने कहा, फोन पर हुई चर्चा में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया पूर्व के घटनाक्रमों पर चर्चा की और ईरान के परमाणु कार्यक्रम व सीरिया में हालिया सांप्रदायिक हिंसा पर ध्यान केंद्रित किया। द टाइम्स ऑफ इस्राइल द्वारा उद्घृत क्रेमलिन के बयान के मुताबिक, इस दौरान पुतिन ने सीरिया की एकता, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया।
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यह चर्चा इस माह की शुरुआत में ड्रूज-बहुल शहर में सांप्रदायिक अशांति के बाद, स्वीदा व दमिश्क में सीरियाई सैन्य ठिकानों पर इस्राइली हवाई हमलों के बाद हुई। स्वीदा प्रांत में 13 जुलाई को शुरू हुई और एक हफ्ते तक चली झड़पों में शुरुआत में द्रुज लड़ाके और सुन्नी बेडौइन जनजातियां शामिल थीं। फोन पर पुतिन ने दोहराया कि ईरान को लेकर भी उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता व एकता का सम्मान होना चाहिए।
रूस के ईरान-इस्राइल दोनों के साथ संबंध
रूस, ईरान का एक करीबी सहयोगी है। उसने यूक्रेन युद्ध के दौरान सैन्य सहयोग को गहरा किया है और उसने इस्राइल के साथ भी राजनयिक संबंध भी बनाए रखे हैं, जहां रूस में जन्मी एक बड़ी आबादी रहती है। द टाइम्स ऑफ इस्राइल के मुताबिक, ईसी कारण मॉस्को ने ईरानी ठिकानों पर हाल ही में इस्राइली और अमेरिकी हमलों के दौरान तेहरान का समर्थन करने से परहेज किया। नेतन्याहू के कार्यालय से इस कॉल का तत्काल कोई ब्योरा नहीं मिला।