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Vivek Ramaswamy vs Elon Musk: H-1B वीजा पर बयानों से उपजा मतभेद; मस्क ने रामास्वामी को DOGE से किया बाहर?

Thu, 23 Jan 2025 07:29 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका के ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (डीओजीई) की जिम्मेदारी अब सिर्फ एक व्यक्ति के हाथों में है। विवेक रामास्वामी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाले इस आयोग का हिस्सा नहीं हैं। इसका एलान उन्होंने कुछ दिन पहले ही किया था। रामास्वामी के कदम के बाद लागत पर लगाम लगाने वाले इस अभियान की सारी की सारी जिम्मेदारी खरबपति एलन मस्क के हाथों में आ गई है।
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रिपोर्ट में दावा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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रिपब्लिकन नेता ने विवेक रामास्वामी के सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के सह-नेता के पद से इस्तीफा देने को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि खरबपति एलन मस्क ने ही उन्हें विभाग से बाहर का रास्ता दिखाया है। दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने डीओजीआई नाम से एक नया विभाग बनाने का एलान किया था। ट्रंप ने आयोग की अध्यक्षता के लिए मस्क और रामास्वामी को चुना था।

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हालांकि, नियुक्ति के महज 69 दिन बाद ही विवेक इससे बाहर आ गए हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह कदम प्रमुख रिपब्लिकन हस्तियों और खुद एलन मस्क की ओर से बढ़ते दबाव के बाद उठाया गया है, जो कथित तौर पर रामास्वामी की हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों से नाखुश थे।

क्या है मामला?
भारतीय मूल के कारोबारी और रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) से अपना नाम वापस ले लिया है। इसे लेकर एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वह टेस्ला के सीईओ ही थे, जो रामास्वामी को टीम से बाहर करना चाहते थे। पॉलिटिको ने एलन मस्क की पसंद वाले तीन लोगों का हवाला देते हुए बताया कि अरबपति ने हाल के दिनों में यह जाहिर किया था कि वह रामास्वामी को DOGE से बाहर करना चाहते हैं।
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मस्क के बढ़ते कद का संकेत
ट्रंप के 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटों बाद ही रामास्वामी ने घोषणा की थी कि वह DOGE के सह-प्रमुख नहीं होंगे। दावा किया जा रहा है कि रामास्वामी ने ट्रंप की पसंदीदा लोगों की सूची के कुछ रिपब्लिकन को कई कारणों से परेशान किया हुआ था। दरअसल, वे सभी कई मुद्दों पर विवेक की अलग राय से परेशान थे। ऐसे में रामास्वामी को बाहर करने से नई सरकार में मस्क की भूमिका और दबदबे को दिखाता है।

इस बयान से विवादों में आए
रिपोर्ट के मुताबिक, एच-1बी वीजा पर चर्चा के दौरान 'एक्स' पर रामास्वामी की टिप्पणी ने नया विवाद छेड़ दिया था। पिछले साल दिसंबर में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता ने अमेरिकी व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और कहा था कि टेक कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को इसलिए काम पर रखती हैं, क्योंकि यह देश उत्कृष्टता से ज्यादा औसत दर्जे का सम्मान करता है। 

ओहायो के गवर्नर पद के लिए होने वाले चुनाव में उतरने के संकेत
2024 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की दावेदारी पेश करने वाले रिपब्लिकन पार्टी के बायोटेक उद्यमी रामास्वामी ने अगले साल ओहायो के गवर्नर पद के लिए होने वाले चुनाव में उतरने का संकेत दिया है। सिनसिनाटी के रहने वाले 39 वर्षीय रामास्वामी ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हाल ही में खाली हुई सीनेट सीट में रुचि दिखाई थी। दरअसल, ओहायो के गवर्नर माइक डेविन ने जेडी वेंस के उत्तराधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट गवर्नर जॉन हस्टेड को चुना है, जिस कारण अगले वर्ष यह सीट खाली हो रही है।

डीओजीई को बनाने में अहम भूमिका निभाई
DOGE की एक प्रवक्ता एना कैली ने एक बयान में बताया कि विवेक रामास्वामी ने डीओजीई को बनाने के लिए हमारी मदद करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया, 'उनकी जल्द ही चुनाव मैदान में उतरने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें विभाग से बाहर रहना होगा। यही इसकी संरचना है और यह ऐसे ही काम करता है। हम पिछले दो महीनों में उनके योगदान के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह अमेरिका को फिर से महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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