चीन ने हांगकांग में हिंसक प्रदर्शन को आतंकवाद करार देते हुए सोमवार को उन सभी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया जिन्होंने पुलिस अधिकारियों पर पेट्रोल बम फेंके। हांगकांग और मकाओ मामलों को प्रवक्ता यांग गुआंग ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला करने के लिए बार-बार खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया है जिसमें गंभीर हिंसक अपराध के साथ आतंकवाद के लक्षण दिखाई देते हैं।
यांग गुआंग ने बीजिंग में कहा कि हांगकांग में जारी प्रदर्शन कानून और सामाजिक व्यवस्था को ध्वस्त करने वाले हैं। बता दें कि लोकतंत्र समर्थक हजारों लोगों ने अधिकारियों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर लगातार दसवें सप्ताह सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। रविवार देर रात पुलिस ने आंदोलनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी लेकिन प्रदर्शनकारी इससे बचाव के लिए मास्क लगाकर आए थे।
ऐसे में सोमवार को उन पर पानी की तेज बौछारें छोड़ी गईं। इससे पहले हांगकांग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की इमारत में हजारों की संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के इकट्ठे हो जाने से वहां सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने काम में बाधा पहुंचाई और यात्रियों को चेक इन नहीं करने दिया। इस दौरान एयरपोर्ट जाने वाली सभी सड़कें जाम रहीं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात जाम कर दिया और अधिकारियों पर ईंटें फेंकीं।
हमारे मामलों में दखल न दे ब्रिटेन : चीन
हांगकांग में जारी प्रदर्शन मामलों से भड़के चीन ने कहा है कि ब्रिटेन हमारे मामलों में दखल न करे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ छुनयिंग ने कहा कि चीन अपने घरेलू मामलों में किसी भी विदेशी कार्रवाई को बंद करने की मांग करता है।
खबर है कि ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने 9 अगस्त को हांगकांग के हालातों पर हांगकांग की विशेष प्रशासनिक कार्यकारी कैरी लैम से फोन पर बातचीत की थी। प्रवक्ता ने कहा कि हांगकांग अब ब्रिटेन का उपनिवेश नहीं रहा, इसलिए यहां ब्रिटिश प्रभुसत्ता न होने के कारण उसे यहां प्रशासन एवं निगरानी का अधिकार भी नहीं है।
चीनी उइघर शरणार्थियों को तुर्की से निर्वासन का डर
अब तक चीन की मुस्लिम विरोधी नीति की आलोचना करने वाले तुर्की ने हजारों चीनी उइघर शरणार्थियों को अपने देश में शरण दी थी, लेकिन अब यहां इस अफवाह के बाद लोगों में भय फैल गया है कि कुछ उइघरों को निर्वासित किया जा रहा है।
मुस्लिम बहुल देश तुर्की में राजधानी इस्तांबुल के पास एक निर्वासन केंद्र में कुछ मुस्लिम शरणार्थियों को हिरासत में रखा गया है। यहां रह रहे लोगों को डर है कि उन्हें यहां से चीन के लिए निर्वासित किया जा सकता है।