पाकिस्तान और एफएटीएफ से जुड़े तथ्य
- फोटो : अमर उजाला
बैठक के दौरान वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी संस्था को भारत के इरादों के बारे में सूचित कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि भारत एफएटीएफ को एक विस्तृत डोजियर भेजेगा, जिसमें आतंकी वित्तपोषण व मनी लॉन्ड्रिंग में कुछ संस्थाओं और व्यक्तियों की भागीदारी के बारे में सबूत और चिंताओं को रेखांकित किया जाएगा। डोजियर में भारत के निष्कर्षों को उजागर किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत एफएटीएफ द्वारा सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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पाकिस्तान और एफएटीएफ से जुड़े तथ्य
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ओवैसी भी कर चुके हैं मांग
इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल करने का पुरजोर आह्वान किया था। बकौल ओवैसी इस्लामाबाद को आतंकवादियों की भर्ती से रोकने के लिए उसे फिर से एफएटीएफ की ग्रे सूची में डालना चाहिए।
पाकिस्तान और एफएटीएफ से जुड़े तथ्य
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यह है ग्रे लिस्ट...
जो देश धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषणका मुकाबला करने के लिए अपने शासन में रणनीतिक कमियों को दूर करने में विफल रहते हैं, और बढ़ी हुई निगरानी के अधीन हैं, उन्हें एफएटीएफ की ग्रे सूची में रखा जाता है।
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पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया ऑपरेशन सिंदूर
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। आतंकियों ने गोली मारकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसके जवाब में भारतीय बलों ने सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया।
चार दिनों तक चला भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष
भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इसी ऑपरेशन के तहत उसके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य संघर्ष चला। हालांकि, 10 मई को दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, जिसके बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच संघर्ष समाप्त हो गया।
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