पाकिस्तान ने बनाई आतंकवाद की इंडस्ट्री
उन्होंने कहा, 'बंदूके उठा लेना मध्यकालीन मानसिकता को दिखाता है न की 21वीं सदी की। कभी क्रिकेटर रहे इमरान खान जो जेंटलमैन के गेम की बात करते थे, आज बंदूकें उठाने और युद्ध की बात करते हैं। भारत के नागरिक नहीं चाहते कि कोई और उनकी तरफ से बोले। खासतौर से वह जिसने नफरत की सोच के साथ आतंकवाद की इंडस्ट्री बनाई है। ऐसा देश जो आतंकवाद और नफरत को मुख्यधारा में शामिल कर चुका है वो अब मानवाधिकारों का चैम्पियन बनकर अपने वाइल्डकार्ड इस्तेमाल करना चाहता है।'
भारत ने पाकिस्तान से पूछे ये पांच सवाल
- क्या पाकिस्तान इस बात को स्वीकार करेगा कि वह दुनिया का अकेला ऐसा देश है जो ऐसे व्यक्ति को पेंशन देता है जो यूएन की अल-कायदा और दाएश प्रतिबंधित सूची में नामित है?
- प्रधानमंत्री इमरान खान ने यूएन पर्यवेक्षकों को पाकिस्तान आने का न्यौता दिया है कि वह आएं और देखें कि वहां अब कोई आतंकी संगठन नहीं है। क्या वह अपने इस वादे को निभा पाएगा?
- क्या पाकिस्तान इस बात को स्वीकार कर सकता है कि वह यूएन द्वारा नामित 130 आतंकवादी और 25 आतंकी संगठनों का घर है?
- क्या पाकिस्तान बता सकता है कि यहां न्यूयॉर्क में उसके प्रमुख बैंक हबीब बैंक को आतंकवाद के वित्त पोषण पर लाखों डॉलर के जुर्माने के बाद अपनी दुकान बंद करनी पड़ी?
- क्या पाकिस्तान इससे इनकार करेगा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने देश को 27 प्रमुख मानकों में से 20 से अधिक के उल्लंघन के लिए नोटिस दिया?