अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हर बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिर कश्मीर राग अलापा है। इमरान ने भारत पर शिमला समझौते और भारतीय संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया।
कहा, मोदी सरकार ने गैरकानूनी तरीके से कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया। 80 लाख लोगों को जबरन कर्फ्यू लगाकर घरों में कैद किया गया है। हजारों युवा गायब हैं। लोग जानवरों से बदतर हालात में हैं। घाटी से कर्फ्यू हटने पर खून खराबा होगा। कश्मीरी ज्यादा कट्टर होंगे। पुलवामा जैसे हमले होंगे और भारत हम पर दोष मढ़ेगा।
इमरान ने कश्मीर को इस्लाम से जोड़ते हुए कहा, वहां जो हो रहा है, वह मुस्लिमों को हथियार उठाने के लिए उकसाने वाला है। भारत के 18 करोड़ मुस्लिम कश्मीर के चलते कट्टरता की ओर बढ़ेंगे।
दुनिया के 1.3 अरब मुस्लिम भी देख रहे हैं। अगर किसी समुदाय के लोगों को ऐसे बंधक बनाकर रखा जाएगा तो बाकी लोगों पर क्या असर होगा। वे हथियार उठाएंगे और ऐसा इस्लाम की वजह से नहीं, बल्कि मुस्लिमों पर अन्याय के कारण होगा।
इमरान ने युद्ध की गीदड़भभकी देते हुए कहा, अगर हम परमाणु युद्ध की ओर बढ़ते हैं तो संयुक्त राष्ट्र इसका जिम्मेदार होगा। आपको इसे रोकना होगा। इसलिए 1945 में संयुक्त राष्ट्र का गठन किया गया था।
अगर दोनों देशों के बीच परंपरागत युद्ध होता है तो कुछ भी हो सकता है। कोई देश पड़ोसी देश के मुकाबले छोटा है तो उसके सामने दो ही रास्ते होते हैं या सरेंडर करना या लड़ते हुए मरना। हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
इस्लामी आतंकवाद के लिए पश्चिमी देश जिम्मेदार : इमरान
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामी आतंकवाद के लिए पश्चिम देशों के जिम्मेदार ठहराया है। इमरान ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने आतंकियों को ट्रेनिंग दी। उन्होंने कहा, हम युद्ध के खिलाफ हैं, लेकिन अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी। अमेरिका और पश्चिमी देशों से फंड मिला। सोवियत संघ ने उन्हें आतंकी कहा और हमने फ्रीडम फाइटर। तब जेहाद का मतलब आजादी की लड़ाई था।
इमरान ने कहा, 9/11 हमले के बाद हम अमेरिका के साथ खड़े हुए और अमेरिका अफगानिस्तान आ गया तो हमने जिन्हें ट्रेनिंग दी वे आतंकवादी हो गए। तालिबान और अलकायदा अफगानिस्तान में था।
भारत हम पर लगातार आरोप लगता है कि पाकिस्तान में आतंकी समूह हैं। हमने फैसला किया कि पाकिस्तान में कोई आतंकवादी गुट नहीं रहेगा। इमरान ने मुस्लिमों के साथ व्यवहार को लेकर कहा, इस्लामोफोबिया के लिए पश्चिम देश जिम्मेदार हैं। 9/11 के बाद तेजी से हालात बदले। कुछ लोगों ने आतंकवाद को इस्लाम से जन्मा बताया।
उन्होंने कट्टर इस्लाम का जिक्र किया। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं है। ऐसे शब्दों का प्रयोग करना दुख देने वाला है। मुस्लिम आहत हैं। यूरोप के देशों में मुस्लिम समुदाय हाशिए पर हैं, यह कट्टरता की वजह से है। सीरिया में ऐसा ही हुआ।
लिट्टे को हिंदू आतंकवाद से जोड़ा
इमरान ने कहा कि 9/11 के बाद इस्लाम की तुलना आतंक से होने लगी। इसके बाद कहा जाने लगा कि मुस्लिम ऐसे हमलों को अंजाम देते हैं क्योंकि वह जन्नत में हूरों को पाना चाहते हैं। मैं बताना चाहता हूं कि सबसे ज्यादा आत्मघाती हमले श्रीलंका में लिट्टे ने किए, जो हिंदू संगठन था। कोई हिंदुओं को क्यों नहीं जिम्मेदार ठहराता है?
आरएसएस पर फिर रोया इमरान ने रोना
इमरान ने आरएसएस की तुलना हिटलर से करते हुए कहा कि वह मुस्लिमों के जातीय नरसंहार पर यकीन करता है। आरएसएस मन मुस्लिमों और ईसाइयों को लेकर नफरत है। इसी विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी। मोदी आरएसएस के सक्रिय सदस्य हैं।
खुद भी बंदूक उठाने को तैयार इमरान
इमरान ने कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, हमने फिल्म देखी है कि किसी को न्याय नहीं मिलता तो हीरो बंदूक उठाता है। मैं कश्मीर में होता और 55 दिनों से बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता। आप ऐसा कर रहे हैं तो आप लोगों को कट्टर बना रहे हैं। यह अहम समय है। इससे पहले कि हम परमाणु युद्ध की तरफ जाएं, यूएन की जिम्मेदारी है कि कुछ करे। अब क्या 1.2 अरब लोगों के बाजार का तुष्टीकरण होगा या मानवता के साथ न्याय होगा।
मोदी सरकार का एजेंडा उजागर हुआ
इमरान ने पुलवामा हमले पर कहा, इसे कश्मीरी लड़के ने अंजाम दिया। भारत ने हम पर आरोप लगाए। हमने सुबूत मांग, लेकिन उसने हमला कर दिया। उनका पायलट पाकिस्तान में गिरा और हमने उसे तुरंत लौटा दिया।
चुनाव में मोदी का पूरा अभियान था कि उन्होंने कैसे पाकिस्तान को सबक सिखाया। मोदी ने यह तक कहा कि यह ट्रेलर है, पूरी फिल्म बाकी है। हमने सोचा कि चुनाव के बाद रिश्ते सुधर जाएंगे। इसके बाद हमने दोबारा बात का प्रयास किया। इसके बाद हमें अहसास हुआ कि उनका एजेंडा कुछ और था।