अमेरिका में 28 साल के अश्वेत इर्वो ओटीनी की मौत के मामले में एक नया वीडियो आया है। इसमें दिख रहा है कि इर्वो को मानसिक अस्पताल में करीब 10 पुलिसकर्मी और अस्पताल के सुरक्षा गार्ड काबू करते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिसकर्मियों पर इर्वो के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
वीडियो छह मार्च का बताया जा रहा है। इसे वॉशिंगटन पोस्ट ने जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन पोस्ट ने अस्पताल के 27 मिनट के सीसीटीवी फुटेज को निकालकर एक संपादित वीडियो तैयार किया है। इसमें दिख रहा है कि कैसे पुलिसकर्मी इर्वो को हेनरिको काउंटी जेल से पास के पीटर्सबर्ग सेंट्रल स्टेट अस्पताल ले आई। तब इर्वो के हाथ और पैर को बांध रखा गया था। बिना शर्ट और जूते के उसे अस्पताल लाया गया था।
इसके बाद वे उसे फर्श पर रखते हैं और फिर उसे चारों तरफ से पकड़ लेते हैं। सीसीटीवी से पुलिसकर्मियों का उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता है। वीडियो में दिख रहा है कि एक अधिकारी उसकी गर्दन पर अपना पैर रखा हुआ है। बाकी भी उसे चारों तरफ से पकड़े हुए हैं।
इसके बाद इर्वो लंगड़ाकर चलता है और कुछ समय बाद ही इर्वो की मौत हो जाती है। इस मामले में सात पुलिस अधिकारियों और तीन अस्पताल कर्मियों, जिनमें से अधिकांश अफ्रीकी अमेरिकी थे, उनपर थर्ड डिग्री का प्रयोग करके हत्या का आरोप लगाया गया है।
मानसिक रोग सामने आने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इर्वो ओटीनी की मौत से तीन दिन पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। तीन दिनों तक स्थानीय जेल में रखने के बाद उसे केंद्रीय राज्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। डिनविडी काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एन कैबेल बास्केरविल ने एक बयान में कहा, 'प्रारंभिक ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, 'शारीरिक रूप से संयमित' रहने के दौरान दम घुटने से उनकी मृत्यु हो गई।'
पिछले हफ्ते उनकी मां कैरोलिन ओउको ने कहा कि वह मानसिक बीमारी से गुजर रहा था। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे के साथ कुत्ते जैसा व्यवहार किया गया, कुत्ते से भी बदतर। मैंने इसे अपनी आंखों से देखा... उन्होंने मेरे बच्चे का गला दबाया।'