पाकिस्तान के पंजाब के सदिकाबाद में अहमदपुर लुम्मा शहर में एक कृष्ण मंदिर को तोड़कर मदरसा में बदलने का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे लेकर अब चर्चा तेज हो गई है।
पाकिस्तान के पंजाब के सदिकाबाद में अहमदपुर लुम्मा शहर में एक कृष्ण मंदिर को तोड़कर मदरसा में बदलने का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया। वायरल वीडियो में कृष्ण मंदिर का पूरा नजारा दिखाया गया है, जहां मंदिर के सामने ही भगवान कृष्ण की प्रतिमा लगी हुई थी। हालांकि, यह मंदिर अब जल्द ही इस्लामी शिक्षण संस्थान बनने वाला है।
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सदिकाबाद में स्थित यह कृष्ण मंदिर अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह कई वर्षों से शहर का हिस्सा रहा है। दो गायों के साथ बांसुरी बजाते हुए भगवान कृष्ण की मूर्ति से सजा हुआ इस मंदिर को धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। मंदिर को तोड़कर वहां मदरसा बनाने की खबर ने चर्चा को बढ़ावा दिया है। दरअसल, ऐतिहासिक महत्व वाले धार्मिक स्थानों का रूपांतरण सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के बारे में चिंता पैदा करता है।
इस वीडियो के अनुसार, मंदिर का मुख्य द्वार बंद है। वीडियो में मदरसा से जुड़े एक कादरी मंदिर की संरचना को विस्तार से समझाते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थान को 50 वर्षों से अधिक समय से मस्जिद और मदरसा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके भीतर बच्चे कुरान का अध्यनन कर रहे हैं। वीडियो में कादरी ने दावा किया कि वह भारत से पाकिस्तान आए थे।