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Israel Hamas War: हमास के हमले की सफलता इस्राइली खुफिया तंत्र की विफलता का नतीजा, घुसपैठ-रोधी प्रणाली नाकाम

Tue, 10 Oct 2023 06:53 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, न्यूयॉर्क सिटी

सार

हमास के आतंकियों ने हमले योजना पर मोबाइल फोन या संचार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आपस में बात ही नहीं की। आशंका थी कि इसे पकड़ा जा सकता है। यह भी एक वजह है कि इन पर निर्भर इस्राइली खुफिया तंत्र विफल हुआ। आतंकियों ने पुराने समय की तरह एकत्र होकर योजनाएं बनाईं।
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Israel Gaza Rocket Attack - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल में हमास आतंकियों के हमले, खूनी बर्बरता और महिलाओं व बच्चों की हत्या से दुनिया हैरान है। सबसे ज्यादा हैरानी इस्राइल के खुफिया तंत्र खासतौर पर एजेंसी मोसाद की विफलता पर जताई जा रही है। हमले के खतरे व चेतावनियां न पहचान पाना, मिसाइल रक्षा प्रणाली को पुख्ता न रखना, अधूरी सैन्य तैयारियां, इस्राइल की कुछ ऐसी नाकामियां हैं, जिन्होंने हमास आतंकियों को इस्राइल के इतिहास का बड़ा नरसंहार करने दिया।

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एक ही दिन में इस्राइल में 700 नागरिकों की हत्या, सैकड़ों महिलाओं से दुष्कर्म, अपहरण, लूटपाट कभी नहीं हुई थी। आतंकियों ने गाजा से इस्राइल में सड़क, वायु और जल मार्गों से घुसपैठ की, सीमा की बाड़बंदी तोड़कर सैकड़ों आतंकी घुसे, यहां के रक्षा प्रवक्ता के अनुसार सोमवार को भी देश के कई इलाकों में आतंकियों व सुरक्षाबलों में मुठभेड़ें जारी हैं। यह बताता है कि आतंकियों ने कई महीनों की तैयारी के बाद हमला अंजाम दिया। इसी वजह से इसकी भनक तक इस्राइल व हमास के विरोधी मिस्र को न लगना आधुनिक सैन्य व खुफिया इतिहास की एक बहुत बड़ी अचंभित करने वाली घटना बन चुकी है।

और हमास ने संपर्क के लिए फोन, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम उपयोग नहीं किए...
हमास के आतंकियों ने हमले योजना पर मोबाइल फोन या संचार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आपस में बात ही नहीं की। आशंका थी कि इसे पकड़ा जा सकता है। यह भी एक वजह है कि इन पर निर्भर इस्राइली खुफिया तंत्र विफल हुआ। आतंकियों ने पुराने समय की तरह एकत्र होकर योजनाएं बनाईं।
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इस्राइल की घुसपैठ-रोधी प्रणाली नाकाम
गाजा पट्टी से लगती महज 60 किमी लंबी सीमा पर इस्राइल ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेप्शन नेटवर्क पर लगा रखा है। इसमें सेंसर और मानवीय निगरानी दोनों शामिल हैं। यह घुसपैठ और गाजा में हो रही गतिविधियों की निगरानी में मदद करता है, हमास की गतिविधियां रोकने के भी काम आता है। खासतौर पर गाजा में लाई जा रही मिसाइलें, हथियार व पुर्जे पकड़े जाते रहे हैं। लेकिन इस बार हजारों रॉकेट व मिसाइल गाजा पट्टी पहुंचाए गए और इस्राइल इन्हें नहीं रोक पाया, यह कैसे हुआ, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।

हमास ने एक ड्रोन कैमरे की रिकॉर्डिंग जारी कर दिखाया कि उसने कैसे इस्राइल द्वारा सीमा पर लगी सेंसर व निगरानी प्रणाली के टावरों में ड्रोन से बम डाले और विस्फोट से इन्हें बेकार किया। विशेषज्ञों के अनुसार सेंसर प्रणाली बेकार करने के अलावा ड्रोन से सैन्य ठिकानों पर भी हमले कर सैनिकों को घायल किया गया, इससे इस्राइल तेजी से जवाब नहीं दे पाया।

आयरन डोम बेहाल
निगरानी विफलता को आयरन डोम की विफलता से भी जोड़ा जा रहा है, जो ज्यादा अखर रही है। इसकी वजह से हजारों रॉकेट इस्राइल को नुकसान पहुंचाने में सफल रहे। यह मिसाइल रक्षा प्रणाली 2 दशक से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। अब तक मिसाइल हमलों को आयरन डोम बेकार करता रहा है। हमास ने नई मिसाइल प्रणाली का हमले में उपयोग किया।

हर हमले के बदले एक इस्राइली को मारने की चेतावनी
हमास प्रवक्ता अबू उबैदा ने चेतावनी दी है कि यदि इस्राइल ने बिना चेतावनी गाजा इलाके के रिहायशी क्षेत्रों में बम बरसाए तो ऐसे हर हमले के बदले वह एक बंधक इस्राइली नागरिक की हत्या कर देगा। उबैदा ने कहा, इस्लामी निर्देशों के अनुसार काम करते हुए इस्राइली नागरिकों को सुरक्षित रख रहे हैं।

130 से अधिक इस्राइलियों को बनाया बंधक
हमास समेत फलस्तीनी आतंकी समूहों ने 130 से अधिक इस्राइलियों को बंधक बनाने का दावा किया है। हमास के प्रवक्ता अब्देल-लतीफ अल-कनौन ने कहा, उसके लड़ाके गाजा के बाहरी इलाकों में लड़ाई जारी रखे हुए हैं। सोमवार सुबह भी कई इस्राइलियों को बंधक बनाया, जिनके बदले में हमास इस्राइल से सभी फलस्तीनी बंदियों की रिहाई कराएगा। हमास के लड़ाके शनिवार सुबह 22 जगहों से इस्राइल में घुसे थे। कई लोगों की हत्या के साथ ही सैनिकों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बंधक भी बना लिया था।

एक हजार से अधिक लक्ष्यों पर निशाना
जवाबी कार्रवाई में इस्राइली सेना गाजा में 1,000 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बना चुकी है, जिसमें बेत हनौन शहर का अधिकांश हिस्सा ध्वस्त हो चुका है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने कहा, रविवार शाम तक ही इस्राइल के हमले में गाजा पट्टी में 159 आवासीय परिसर ध्वस्त हो गए थे और अन्य 1,210 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। 225 से अधिक फलस्तीनी बेघर हो गए और स्कूल में शरण लिए हैं। एक डॉक्टर ने बताया, दक्षिणी गाजा के रफाह शहर में इस्राइली हमले में 19 लोग मारे गए, जिनमें आतंकी समूह का एक स्थानीय सदस्य रफात अबु हिलाल, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

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