पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कंबोडिया की अपनी यात्रा के आखिरी दिन रविवार को यहां पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान केवल इसके सदस्यों को ही हिस्सा लेने की अनुमति थी। अपने संबोधन के दौरान धनखड़ ने कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा कीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार धनखड़ ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं को रेखांकित किया और 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष में ईएएस सदस्यों के पूर्ण योगदान का आह्वान किया। इसके अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता के साथ मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने में ईएएस तंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला।
धनखड़ ने चिकित्सा सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी बात की
विदेश मंत्रालय के अनुसार उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वास्थ्य के मुद्दों को उठाते हुए चिकित्सा सूचनाओं के आदान-प्रदान और चिकित्सा अनुसंधान में सहयोग के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्रों की जानकारी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
बाघों के स्थानांतरण पर भी चर्चा
कंबोडिया में भारत की राजदूत देवयानी खोबरागड़े ने चर्चा की जानकारी देते हुए कहा कि दूसरा समझौता ज्ञापन जैव विविधता के संरक्षण और भारत से कंबोडिया में बाघों के स्थानांतरण को लेकर था। यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी परियोजना है और यदि यह सफल होता है तो यह दुनिया में पहली बार होगा जहां एक देश से दूसरे देश में बाघ का स्थानांतरण होगा। आईआईटी जोधपुर और कंबोडिया के प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच सांस्कृतिक विरासत के डिजिटल संरक्षण के क्षेत्र में तीसरे समझौता ज्ञापन काभी आदान-प्रदान हुआ। कंबोडिया में भारतीय मूल के मंदिरों की मैपिंग में मदद मिलेगी।
जगदीप धनखड़ ने की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडान से भी मुलाकात की। बता दें कि धनखड़, विदेश मंत्री जयशंकर के साथ शिखर सम्मेलन और 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कंबोडिया की यात्रा पर हैं।