शाकाहार क्यों बेहतर
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा 38,000 वयस्कों पर की गई एक रिसर्च में सामने आया कि मांसाहार खाने वालों की तुलना में शाकाहारियों का बॉडी मास इंडेक्स बेहद कम रहा। वहीं अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल में भी रिपोर्ट सामने आई जिसमें 10 हजार शाकाहारियों और मांसाहारियों पर शोध में पाया गया कि ओवरवेट लोग जिन्होंने शाकाहारी उत्पादाें का इस्तेमाल किया वे कम समय में अपना वजन घटा पाए।
लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में 70 हजार वयस्कों पर शोध किया गया। इसमें पाया गया कि 50 वर्ष से ऊपर के जिन लोगों ने लगातार 6 वर्ष तक शाकाहारी भाेजन किया, मांसाहारियों की तुलना में उनकी मौत का आंकड़ा 12 फीसदी कम था। इसी तरह अल्जाइमर भी शाकाहारियों की तुलना में मांसाहारियों में 3 गुना ज्यादा पाया गया।
दुनिया में शाकाहारी
07% अमेरिकी पूरी तरह से शाकाहार का सेवन कर रहे हैं।
31% भारतीय भी सिर्फ शाकाहार का सेवन ही करते हैं।
10% यूरोपियन लोगों ने भी कभी मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं किया।
मांसाहार का नुकसान
70 लाख जिंदगियां हर साल गंभीर बीमारी का शिकार हो जाती और उनकी मौत भी हो जाती है।ऑक्सफोर्ड मार्टिन स्कूल फ्यूचर ऑफ फूड प्रोग्राम में एक अध्यनकर्ता मार्को स्प्रिंगमैन के मुताबिक अगर मांसाहारी भोजन करना बंद कर दिया जाये तो खाद्य सामग्रियों से जुड़े उत्सर्जन में 60% की गिरावट आ जाएगी। यह रेड मीट से मुक्ति के कारण होगा क्योंकि रेड मीट मिथेन गैस उत्सर्सिज करने वाले पशुओं से मिलता है जो सेेहत के लिए हानिकारक होता है।
तो आप भी अगर ज्यादा मांसाहारी भोजन करते हैं तो इससे होने वाले नुकसान को लेकर सतर्क हो जायें।