इंडोनेशिया के बाली में जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत इंडोनेशिया से जी-20 की बागडोर अपने हाथ में लेने जा रहा है। इसलिए हम पहले से की गई पहल व प्रयासों की गति को मजबूत करना चाहते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और समूची दुनिया में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल वक्त की मांग है।
There's a need to consolidate efforts taken by G20 countries...G20 under Saudi Arabia's Presidency had prioritised digital health & innovation as an enabler for strengthening & improving healthcare service delivery & value-based healthcare: Union Health Minister Mansukh Mandaviya pic.twitter.com/UX5ybsaLOR
एक दिसंबर को अध्यक्ष बनेगा भारत
बता दें, भारत इस साल 1 दिसंबर से एक वर्ष के लिए जी-20 का अध्यक्ष बनने जा रहा है। इस दौरान भारत देशभर में 200 से अधिक जी-20 बैठकों की मेजबानी करेगा। इसमें सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के स्तर पर होने वाला जी-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन है। इसे अगले साल 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भारत 1 दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक G20 की अध्यक्षता करेगा।
जी-20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है। इसके सदस्य 19 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, यूएसए और यूरोपीय संघ (ईयू) हैं।
भारत वर्तमान में जी-20 ट्रोइका (वर्तमान, पिछली और आने वाले जी-20 के अध्यक्ष देश) का हिस्सा है। अन्य दो देश इंडोनेशिया और इटली हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान इंडोनेशिया और ब्राजील इस तिकड़ी का निर्माण करेंगे। यह पहली बार होगा जब ट्रोइका में तीन विकासशील देश और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी। सामूहिक रूप से, G20 वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85 प्रतिशत, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का 75 प्रतिशत और विश्व जनसंख्या का दो-तिहाई हिस्सा है, जो इसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है।