अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन एक बार फिर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं और उनकी उम्र को लेकर चल रही बहस तेज हो गई है। दरअसल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जो बाइडन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को राष्ट्रपति पुतिन कह गए। बाइडन की इस गलती के बाद फिर से उनकी मानसिक क्षमता और बढ़ती उम्र पर सवाल खड़े हो गए हैं और नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी सवालों के घेरे में आ गई है।
फिर गलती कर गए जो बाइडन
अमेरिका में नाटो का सम्मेलन चल रहा है। इस सम्मेलन के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाटो और यूक्रेन के बीच एक समझौते का एलान किया। इस दौरान उन्होंने कहा 'अब मैं चाहता हूं कि यूक्रेन के राष्ट्रपति अपनी बात रखें, जिनमें जितना समर्पण है, उतनी ही हिम्मत है। बहनों और भाइयों, राष्ट्रपति पुतिन।' बाइडन यह कहकर पलटे, लेकिन तभी उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और वे वापस आकर बोले, 'ये राष्ट्रपति पुतिन को हराने वाले हैं, राष्ट्रपति जेलेंस्की। मैं पुतिन को हराने पर इतना ध्यान दे रहा हूं कि हमें उसे लेकर बहुत चिंतित हैं।'
कमला हैरिस को बता गए ट्रंप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाइडन अपनी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बता गए। दरअसल जब बाइडन से पूछा गया कि अगर वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ते हैं तो क्या कमला हैरिस, डोनाल्ड ट्रंप को हरा सकती हैं? इसके जवाब में बाइडन ने कहा कि 'मैं उपराष्ट्रपति ट्रंप को नहीं चुनता, अगर मुझे नहीं लगता कि वह राष्ट्रपति के काबिल नहीं हैं।'
बाइडन की इन ताजा गलतियों के बाद उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दावेदारी पर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खुद बाइडन की पार्टी डेमोक्रेट के नेता ही बाइडन की मुखालफत पर उतर गए हैं। हालांकि अभी खुलकर कोई नहीं बोल रहा है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डेमोक्रेट पार्टी में भी इस बात की काफी चर्चा है कि बाइडन की जगह किसी और नेता को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। पहले भी बाइडन की जुबान कई मौकों पर फिसल चुकी है। बीते दिनों राष्ट्रपति पद की पहली बहस में भी ट्रंप, बाइडन पर भारी पड़े थे। उसके बाद से ही बाइडन की उम्मीदवारी सवालों के घेरे में आ गई है।
बाइडन की चीन को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद करने के लिए चीन को परिणाम भुगतने होंगे। बाइडन ने ये भी कहा कि यूरोपीय देश भी चीन के निवेश को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। बाइडन ने कहा कि वह चीन से निपटने की रणनीति पर सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दे सकते हैं, लेकिन अगर चीन ने रूस को यूक्रेन के खिलाफ मदद जारी रखी तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।