अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन पर गुप्त दस्तावेजो को अवैध रूप से संग्रहित और साझा करने का आरोप लगाया गया। उन पर कुल 18 मामलों में चार्ज दायर किए गए हैं। बोल्टन पर लगे आरोप अगस्त में सामने आए थे, जब एफबीआई ने मैरीलैंड में उनके घर और वाशिंगटन में उनके कार्यालय की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए, जिन परगोपनीय, गुप्त या खुफिया लिखा था। इनमें हथियार नियंत्रण, राष्ट्रीय रणनीतिक योजना और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे।
ट्रंप पर विवादित किताब लिखने के बाद खटास में आए रिश्ते
बोल्टन ने ट्रंप के पहले कार्यकाल में 17 महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की भूमिका निभाई थी, लेकिन 2019 में उन्हें हटाया गया। उनके खिलाफ आरोपों का सिलसिला तब और बढ़ गया जब उन्होंने 2020 में अपनी द रूम वेयर इट हैपन्ड (The Room Where it Happened) प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने ट्रंप की विदेश नीति के बारे में गंभीर आलोचना की। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि पुस्तक में संवेदनशील और गुप्त जानकारी शामिल थी, जबकि बोल्टन के वकीलों ने दावा किया कि व्हाइट हाउस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे प्रकाशन योग्य माना था।
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बोल्टन का करियर अमेरिकी सरकारी सेवा में काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने रोनाल्ड रीगन प्रशासन में न्याय विभाग में कार्य किया, जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में हथियार नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित किया और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत के रूप में कार्य किया। 2018 में उन्हें ट्रंप के तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया, लेकिन उत्तर कोरिया, ईरान और यूक्रेन पर मतभेदों के कारण उनका कार्यकाल विवादास्पद रहा और 2019 में ट्रंप ने उनकी इस्तीफे को स्वीकार कर लिया।
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ट्रंप ने बोल्टन पर तंज कसते हुए कहा कि वह वॉश्ड-अप और पागल जंगी व्यक्ति हैं, जो देश को विश्व युद्ध छह की ओर ले जा सकते थे। ट्रम्प ने यह भी कहा कि बोल्टन ने उच्च-गुप्त जानकारी के बिना पुस्तक प्रकाशित की। अब यह मामला अमेरिकी न्याय व्यवस्था में गहन निगरानी में है और आने वाले दिनों में कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
हथियारों और रणनीतिक संचार से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जाने का दावा
अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों में सामूहिक विनाश वाले हथियार (Weapons of Mass Destruction), राष्ट्रीय कूटनीतिक संचार और संयुक्त राष्ट्र मिशन से जुड़ी जानकारियां दी गई थीं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह दस्तावेज किस दौर के हैं। एफबीआई ने बताया कि अगस्त में जब बोल्टन के घर और दफ्तरों में तलाशी ली गई थी, तब उनके फोन, कंप्यूटर और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए थे। कोर्ट में दिए दस्तावेजों की सामग्री में पहले ही काफी काट-छांट की जा चुकी है, ऐसे में यह साफ नहीं हो पाया कि आखिर बोल्टन के पास किस तरह की जानकारी मौजूद थी और इसमें क्या गोपनीय-गुप्त था।