मेडागास्कर में पिछले कुछ हफ्तों से जारी बड़े विरोध प्रदर्शनों ने देश में सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर दिया। विरोध प्रदर्शन इतने उग्र हो गए कि राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना को देश छोड़कर भागना पड़ा। ताजा घटनाक्रम में, संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने मेडागास्कर में हुए हालिया सैन्य तख्तापलट की कड़ी निंदा की है। वहीं, कर्नल माइकल रैंड्रियानीरिना, जिन्होंने इस तख्तापलट का नेतृत्व किया, शुक्रवार को उच्च संवैधानिक न्यायालय में आयोजित समारोह में मेडागास्कर के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।
सेना ने संभाली देश की बागडोर
रैंड्रियानीरिना ने कहा कि मंगलवार को हमने जिम्मेदारी ली क्योंकि देश में अब न राष्ट्रपति है और न प्रधानमंत्री और न ही संसद की कोई सक्रियता। हालांकि मेडागास्कर के संवैधानिक न्यायालय ने भी रैंड्रियानीरिना को अंतरिम रूप से राष्ट्रपति पद संभालने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि देश में संकट को जल्दी खत्म करने के लिए नई सरकार जल्द बनाई जाएगी और एक नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- अब जेन-जी आंदोलन के चलते मेडागास्कर में तख्ता पलट, देश छोड़कर भागे राष्ट्रपति; सेना ने सत्ता पर किया नियंत्रण
मेडागास्कर में कई बार भी हो चुके है तख्तापलट
गौरतलब है कि मेडागास्कर में 1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता मिलने के बाद कई बार तख्तापलट हो चुके हैं। खुद राजोइलिना भी 2009 में सेना के समर्थन से सत्ता में आए थे। इस बार के विद्रोह में बड़ी भूमिका जेन-जी युवाओं की रही, जो पिछले एक महीने से पानी, बिजली और बुनियादी सेवाओं की कमी के खिलाफ सड़कों पर थे। प्रदर्शन 25 सितंबर से पानी और बिजली की कमी को लेकर शुरू हुए थे और इस आंदोलन को युवाओं ने जेन-जेड मेडागास्कर नाम दिया है।