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पुलवामा आतंकी हमला: अमेरिका के एनएसए ने अजीत डोभाल से की बात, कहा- भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 16 Feb 2019 09:51 AM IST
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John Bolton - फोटो : social media

पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर दुनियाभर के देश पाकिस्तान से प्रायोजित आतंकवाद की भर्त्सना और हर संभव सहयोग का भरोसा दे रहे हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका आतंक के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है और भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले को लेकर डोभाल से चर्चा की। बता दें इस हमले में सेना के 40 जवान शहीद हो गए हैं और पांच घायल हुए हैं।



बोल्टन ने फोन पर डोभाल से शुक्रवार सुबह बात करते हुए शहीद हुए जवानों के लिए दुख जाहिर किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े रहने और दोषियों को इसकी सजा देने का आश्वासन भी दिया। राजनयिक बोल्टन ने फोन पर पुलवामा हमले की निंदा करते हुए पाकिस्तान से प्रायोजित आतंकी संगठन जैन ए मोहम्मद को पाकिस्तान में सह मिलने की कड़ी भर्त्सना करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।


उन्होंने कहा, "मैंने अजीत डोभाल से कहा कि हम भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं। मैंने आज सुबह समेत उनसे दो बार बात की.. और आतंकी हमले पर अमेरिका की संवेदना व्यक्त की।" उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान से यह साफ कह चुका है कि आतंक को पनाह देना बंद करें। हम इस ओर बिल्कुल स्पष्ट हैं।

डोभाल ने आभार व्यक्त किया

एनएसए डोभाल ने अपने समकक्ष बोल्टन से मिले सहयोग के भरोसे के प्रति उनका आभार व्यक्त किया। डोभाल में कहा कि आतंकी संगठन पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के विरुद्ध कर रहे हैं। दशकों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, सेना और राज्य का आतंकियों को समर्थन मिल रहा है। उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन, हथियार मिलता है और सीमा पार से घुपैठ कराई जाती है। 


इसके बदले में पाकिस्तान उनके विरुद्ध सबूत दिए जाने पर भी ठोस कार्रवाई नहीं करता। आतंकवाद के विरुद्ध पाकिस्तान के इस रवैय्या पर भारतीय एनएसए ने कड़े कदम उठाने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगा है। जवाब में अमेरिकी एनएसए ने कहा कि उनका देश भारत की पीड़ा महसूस कर रहा है। अमेरिका, आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ है।


इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से सभी आतंकी गुटों को मदद और पनाह देना तत्काल बंद करने को कहा था। ट्रंप की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने एक बयान में कहा था, "अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी जमीन पर आतंकी गुटों को मदद करना तुरंत बंद करे क्योंकि क्षेत्र में हिंसा और आतंक का बीज बोना ही उनका लक्षय है।"


ट्विटर पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा, "आतंकवाद का सामना करने के लिए अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया नहीं कराना चाहिए।"


बात दें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ है। फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी समेत कई देशों ने जवानों के शहीद होने पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी का कहना है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में सब भारत के साथ हैं। वहीं भारत भी जैश-ए-मोहमद के सरगना और मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर दबाव बनाएगा।

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