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Report: भारत में 2021 के दौरान पूरे साल हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले, अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट में दावा

Thu, 02 Jun 2022 10:58 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
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अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन - फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिका के विदेश विभाग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में 2021 के दौरान पूरे साल अल्पसंख्य समुदायों के सदस्यों पर हमले होते रहे। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संसद में पेश इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों में हत्याएं, मारपीट और उत्पीड़न भी शामिल रहे।

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इस रिपोर्ट को विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने विदेश विभाग के फॉगी बॉटम स्थित मुख्यालय में जारी किया। रिपोर्ट में पूरी दुनिया में हो रहे धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन पर अपना नजरिया पेश किया गया है। इसमें हर देश के लिए एक अलग चैप्टर है। 

भारत खारिज कर चुका है अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट
भारत पहले भी अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को खारिज कर चुका है। भारत का कहना है कि एक विदेशी सरकार के पास हमारे नागरिकों के संवैधानिक रूप से सुरक्षित अधिकारों की स्थिति पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। 
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रिपोर्ट के भारत चैप्टर में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर कोई विचार देने से बचा गया है, लेकिन भारतीय मीडिया और सरकारी रिपोर्ट में प्रदर्शित हुए इसके विभिन्न पक्षों का दस्तावेजीकरण किया गया है। 

एनजीओ और अल्पसंख्यक संस्थानों के आरोपों का भी उल्लेख
इसमें विभिन्न गैर लाभकारी संगठनों (एनजीओ) और अल्पसंख्यक संस्थानों पर हुए हमलों को लेकर उनके आरोपों का उल्लेख भी किया गया है। लेकिन, अधिकांश मौकों पर यह अधिकारियों की ओर से की गई जांचों और केंद्र सरकार की प्रतिक्रियाओं के परिणामों पर मौन ही रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है, '2021 में पूरे साल अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों के खिलाफ हत्या, मारपीट और धमकी समेत हमले होते रहे। इनमें गायों की सुरक्षा को लेकर गोहत्या या बीफ के व्यापार के आरोपों के आधार पर गैर हिंदुओं के खिलाफ हुए अपराध भी शमिल रहे।'

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान का जिक्र किया
इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का उल्लेख भी किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए समान है और लोगों के बीच धर्म के नाम पर अंतर नहीं किया जाना चाहिए। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान के बारे में भी इस रिपोर्ट में बात की गई है। इसके अनुसार योगी आदित्यनाथ ने 12 सितंबर को सार्वजनिक रूप से कहा था कि उत्तर प्रदेश में पिछली सरकारों ने लाभ वितरण में मुसलमानों का अधिक समर्थन किया था। 

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने मीडिया या सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां करने के लिए गैर हिंदुओं को गिरफ्तार किया जिन्हें हिंदुओं या हिंदू धर्म के प्रति आपत्तिजनक माना गया था। 

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