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कश्मीर पर ट्रंप के विपरीत है अमेरिकी विदेश विभाग की टिप्पणी

Sat, 07 Sep 2019 11:05 AM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • अमेरिका ने दूसरी बार की जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी।
  • ट्रंप से बिल्कुल अलग है विदेश विभाग का रुख।
  • भारत ने मध्यस्थता की पेशकश को ठुकरा दिया था।
  • कश्मीर पर एक बार फिर अमेरिका ने जताई चिंता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश विभाग की जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर आश्चर्य व्यक्त किया है। जो कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी से बिल्कुल अलग है जो उन्होंने बीते महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में की थी।

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अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मोर्गन ऑर्टेगस ने गुरुवार को कहा, "हम स्थानीय नेताओं और क्षेत्र के निवासियों पर प्रतिबंधों सहित व्यापक प्रतिबंधों से बहुत चिंतित हैं। हम उन रिपोर्टों से भी चिंतित हैं जो कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल फोन की पहुंच को अवरुद्ध बता रही हैं।

हम अधिकारियों से मानवाधिकारों का सम्मान करने और इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क जैसी सेवाओं तक पहुंच बहाल करने का आग्रह करते हैं। हम भारत सरकार से स्थानीय नेताओं के साथ राजनीतिक जुड़ाव की बहाली और जल्द से जल्द अवसर पर चुनाव का समय निर्धारण करने का आग्रह करते हैं।" 
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सूत्रों ने इन टिप्पणियों पर आश्चर्य व्यक्त किया है और नोट किया है कि ये ट्रंप की कही बात से बिल्कुल अलग है। जो उन्होंने जी-7 सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में कही थी। बीते शुक्रवार से ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर की आंतरिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।

बीते हफ्ते दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने भी ऐसी ही चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, "हम निवासियों पर जारी प्रतिबंधों और नजरबंदी की रिपोर्टों से बहुत चिंतित हैं। हम कानूनी प्रक्रियाओं के साथ मानवाधिकारों के अनुपालन और प्रभावित लोगों के साथ बातचीत का आग्रह करते हैं।" मोदी-ट्रंप की मुलाकात के चार दिन बाद कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर की गई ये टिप्पणी हैरानी भरी हैं। 

अनुच्छेद 370 के खंड दो और तीन को खत्म किए जाने के बाद 26 अगस्त को ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बैठक हुई थी। जिसमें प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को तुरंत नामंजूर कर दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि दो देश द्विपक्षीय बातचीत से इस मुद्दे पर चर्चा कर इसे सुलझा लेंगे और हम किसी तीसरे देश को परेशान नहीं करना चाहते हैं।" 

ट्रंप ने अपनी ओर से कश्मीर पर भारत की स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा था कि भारत और पाकिस्तान आपस में इस मुद्दे को सुलझा सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्होंने और प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की है। 

ट्रंप ने कहा था, "हमने कश्मीर के बारे में बात की, प्रधानमंत्री (मोदी) को वास्तव में लगता है कि सब नियंत्रण में है। वे पाकिस्तान के साथ बात करेंगे और मुझे यकीन है कि वे कुछ ऐसा कर पाएंगे जो बहुत अच्छा होगा।"

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