अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अब कोरोना वायरस के फैलाव पर बारीकी से नजर रखे हुए है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही है कि तमाम देशों की सरकारें इससे कैसे निपट रही हैं। मामले से जुड़े सूत्र ने बताया कि भारत इससे कैसे निपटता है, इसे लेकर एजेंसियां खासतौर पर चिंतित हैं।
हालांकि भारत में अभी तक महज तीन ही मामले सामने आए हैं, लेकिन सूत्र ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बूते अत्याधिक आबादी वाला भारत इस मामले से किस तरह निपटता है इस पर खास नजर है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां की नजर ईरान पर भी है जहां देश के उप स्वास्थ्य मंत्री भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका इस बात पर चिंतित है कि कहीं तेहरान कोरोना वायरस की गंभीरता को छुपा तो नहीं रहा है। बता दें कि ईरान में इस वायरस ने करीब 20 लोगों की जान ले ली है।
अमेरिका सरकार के सूत्र ने कहा कि ईरान का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यहां की सरकार के पास इससे निपटने के लिए ज्यादा संसाधन नहीं हैं। दूसरे सूत्र ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियां इससे भी चिंतित हैं कि कई विकासशील देश इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं।
एजेंसिया कोरोना वायरस से जुड़े मामलों पर गहरी नजर रखे हुए हैं। ये विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं जैसे यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, जिसके जरिए तमाम आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। एजेंसियां वायरस के प्रभाव को जानने के लिए तमाम तकनीकी और इंटेलीजेंस इनपुट की मदद ले रही है।