अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी की गिरफ्तारी और उन्हें फांसी देने की ईरान की मांग अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि ईरान को IAEA कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। रुबियो का यह बयान एजेंसी महासचिव राफेल ग्रॉसी की गिरफ्तारी के बाद आया है।
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मार्को रुबियो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की तरफ से IAEA के महानिदेशक ग्रॉसी की गिरफ्तारी और उन्हें फांसी देने की मांग अस्वीकार्य है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम ईरान में IAEA की निगरानी और जांच का समर्थन करते हैं और महानिदेशक ग्रॉसी और उनकी टीम की मेहनत और प्रोफेशनल काम की सराहना करते हैं। हम ईरान से IAEA कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं।'
ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला कर अमेरिका के मुंह पर तमाचा मारा: खामेनेई
इस सप्ताह की शुरुआत में, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने युद्धविराम के बाद अपना पहला सार्वजनिक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में कतर में एक प्रमुख अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला करके अमेरिका के मुंह पर तमाचा मारा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के इस बयान को गुस्सा और नफरत से भरा बताया था। उन्होंने कहा था कि वह इस वजह से ईरान से बातचीत और प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया को रोकने के बारे में सोच रहे हैं, जो ईरान की वसूली में सहायता कर सकते थे।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने IAEA के साथ अपना सहयोग रोका
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अगर ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं किया तो अमेरिका दोबारा हवाई हमले कर सकता है, और इसके लिए 'कोई सवाल नहीं उठेगा।' अमेरिकी हमलों के बाद, ईरान ने IAEA के साथ अपना सहयोग रोक दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि ईरान अब IAEA को अपने परमाणु ठिकानों का निरीक्षण नहीं करने देगा। उन्होंने IAEA महानिदेशक ग्रॉसी के दौरे को 'बेवजह और शायद दुर्भावनापूर्ण' इरादे वाला बताया।
13 जून के बाद IAEA ने नहीं किया कोई निरीक्षण
रिपोर्ट के अनुसार, 13 जून के बाद से IAEA को ईरानी परमाणु ठिकानों का कोई भी निरीक्षण करने नहीं दिया गया है, क्योंकि उसी समय इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी शुरू की थी।