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US: 13 जुलाई को सीक्रेट सर्विस से हुई भारी 'चूक'; ट्रंप पर हमले को लेकर चीफ किंबरली चीटल ने स्वीकारी गलती

Tue, 23 Jul 2024 12:18 AM IST
मेघा झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

13 जुलाई को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में चुनावी अभियान रैली के दौरान हुए हमले को लेकर सीक्रेट सर्विस के चीफ चीटल ने अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि उस दिन सीक्रेट सर्विस से भारी चूक हुई।
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हमले के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की निदेशक किम्बर्ली चीटल ने स्वीकार किया कि एजेंसी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रक्षा करने में विफल रही। रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप पर 13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया में अभियान रैली के दौरान हमला हुआ था, जिसमें गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई थी।

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के समक्ष पेश चीटल ने अपनी गवाही में कहा, हम विफल रहे। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की निदेशक के रूप में, मैं किसी भी सुरक्षा चूक के लिए पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। 13 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास दशकों में सीक्रेट सर्विस की सबसे महत्वपूर्ण परिचालन विफलता है।

चीटल ने यह भी कहा कि हत्या के प्रयास की घटना के बाद, प्रचार अभियान से पहले सुरक्षा का स्तर बढ़ा दिया गया है। साथ ही खतरा बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ रहा है। हमारा मिशन राजनीतिक नहीं है। यह वस्तुत: जीवन और मृत्यु का मामला है। उन्होंने यह भी माना कि ट्रंप पर हमले से पहले एजेंसी को संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कई बार बताया गया था। हालांकि, चीटल ने इस विफलता के लिए पद से इस्तीफा का कोई संकेत नहीं दिया, जैसा कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद मांग कर रहे हैं।

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पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में हाउस ओवरसाइट एंड एकाउंटेबिलिटी कमेटी के सामने गवाही के दौरान अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की चीफ किम्बर्ली चीटल ने यह स्वीकार किया। उन्होंने अपनी गवाही में यह भी कहा कि ट्रंप पर हमला, 1981 में तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रेगन की गोली मारकर हत्या के बाद हुई सबसे गंभीर सुरक्षा चूक है। 

इस दौरान रो खन्ना ने चीटल से इस्तीफा भी मांगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति पर हमला हुआ है तो बतौर आपके सीक्रेट सर्विस के चीफ होने के नाते आपको इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने 1981 का उदाहरण भी दिया। रो खन्ना ने कहा कि 1981 में तत्कालीन सीक्रेट सर्विस प्रमुख स्टीवर्ट नाइट ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर हत्या का प्रयास हो रहा हो तो आप किसी गुप्त सेवा एजेंसी का नेतृत्व नहीं कर सकती। 
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वहीं, जब उनसे महिला सांसद वर्जीनिया फॉक्स ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मैंने इस घटना की जवाबदेही ली है। यह घटना कैसे घटित हुई। इसके बारे में जांच की जा रही है। साथ ही मैं यह सुनिश्चित करती हूं ऐसा दोबारा न हो।

वहीं, जब कृष्णमूर्ति ने पूछा कि क्या हत्यारा छत पर था और हर कोई उस पर चिल्ला रहा था, लेकिन सीक्रेट सर्विस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि हम अभी इसकी जांच कर रहे हैं। 

 

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