सार
2026 मिडटर्म चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में गिरावट दर्ज हुई है। यूएसए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्र मतदाताओं में उनकी रेटिंग घटकर 34% रह गई, जबकि 55% लोग उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट रिपब्लिकन पार्टी को 15 सीटों का नुकसान पहुंचा सकती है।
व्हाइट हाउस की छत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में हाल के हफ्तों में गिरावट दर्ज हुई है। यूएसए टुडे के मुताबिक, पल में माशा पल में तोला के रवैये की वजह से खासतौर पर स्वतंत्र मतदाता उनसे दूरी बना रहे हैं, जिससे 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी के रणनीतिकारों में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए सर्वेक्षण में स्वतंत्र मतदाताओं के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 34% पर आ गई है, जबकि अस्वीकृति (डिसअप्रूवल) 55% तक पहुंच गई है। इसके मुकाबले रिपब्लिकन समर्थकों में उनकी लोकप्रियता 78% बनी हुई है। डेमोक्रेट समर्थकों में यह आंकड़ा 12% है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि स्वतंत्र मतदाताओं की इस दूरी का सीधा असर मिडटर्म चुनाव नतीजों पर पड़ सकता है। 2026 के मिडटर्म चुनाव को लेकर माहौल पहले से ही गरम है। व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन कैंपेन मैनेजर इस समय ट्रंप की रेटिंग को सुधारने के लिए रणनीतियां बना रहे हैं। पार्टी के भीतर यह आशंका जताई जा रही है कि अगर स्वतंत्र मतदाताओं का भरोसा वापस नहीं जीता गया, तो इसका सीधा असर सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पार्टी की सीटों पर पड़ सकता है। ताजा अनुमान के मुताबिक रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम 15 सीटों का नुकसान हो सकता है।
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आर्थिक और विदेश नीति पर सवाल
ट्रंप प्रशासन की हाल की आर्थिक नीतियां, विशेषकर भारत और यूरोपीय देशों के साथ व्यापार तनाव, स्वतंत्र मतदाताओं की नाराजगी का बड़ा कारण बताई जा रही हैं। सर्वे में शामिल 62% स्वतंत्र मतदाताओं ने कहा कि वे ट्रंप की व्यापार नीति को देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद हानिकारक मानते हैं। वहीं, विदेश नीति पर 58% ने रूस और ईरान से जुड़े ट्रंप के रुख को अनिश्चित और अस्थिर करार दिया।
रिपब्लिकन समर्थकों से बाहर भरोसा मुश्किल
ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के वरिष्ठ विश्लेषक माइकल ओहैनलन ने यूएसए टुडे से कहा, ट्रंप के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी कोर बेस (रिपब्लिकन समर्थक) से बाहर भरोसा कायम करना है। स्वतंत्र मतदाताओं में उनकी रेटिंग जिस तेजी से गिर रही है वह आगामी चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के लिए खतरनाक संकेत है। हार्वर्ड के प्रोफेसर जेनिफर रुबिन ने टिप्पणी की कि यदि यही रुझान जारी रहे तो डेमोक्रेट्स के लिए कांग्रेस में बहुमत की राह आसान हो जाएगी। यूएसए टुडे के हवाले से यह भी कहा गया है कि ट्रंप का आगामी राष्ट्र को संबोधन उनके लिए छवि सुधारने और स्वतंत्र मतदाताओं तक दोबारा पहुंच बनाने का एक अहम मौका होगा।
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राजनीतिक विश्लेषकों ने ट्रंप की मौजूदा अप्रूवल रेटिंग की तुलना पूर्व राष्ट्रपतियों से भी की है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार बराक ओबामा की दूसरे कार्यकाल के इसी दौर (2011) में अप्रूवल रेटिंग 44% थी, जबकि जॉर्ज डब्ल्यू. बुश की 2005 में 40% रही। वहीं बिल क्लिंटन की रेटिंग उनके दूसरे कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में औसतन 55% के आसपास थी।