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अमेरिका ने भारत से लिए हैं 216 अरब डॉलर, सांसद एलेक्स मूनी ने ऋण का बोझ बढ़ने पर चेताया

Sun, 28 Feb 2021 01:50 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन

सार

  • 10 खरब डॉलर का कर्ज अमेरिका ने अपने प्रतिद्वंद्वी चीन से लिया।
  • 258 अरब डॉलर लेटिन अमेरिकी देश ब्राजील का ऋण भी बकाया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : PTI
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विस्तार
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अमेरिका के एक सांसद ने कहा है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर कर्ज का बोझ 2.9 खरब डॉलर (29 लाख करोड़ डॉलर) हो गया है। सांसद एलेक्स मूनी ने कहा कि अमेरिका ने भारत से भी करीब 216 लाख डॉलर (करीब 16 लाख करोड़ रुपये) का कर्ज लिया है। उन्होंने सरपट दौड़ने वाले विदेशी कर्ज के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व को चेताया है। अमेरिका मे चीन-जापान से भी पैसा आता है।

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बता दें कि कोरोना महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है जिससे अमेरिका भी बेअसर नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था भारत के मुकाबले करीब सात गुना बड़ी (2.1 खरब डॉलर) है। ऐसे में अमेरिका पर बढ़ते कर्ज के जाल को लेकर सांसद एलेक्सी मूनी ने चेताया कि देश पर शीर्ष दो देश चीन और जापान का भी कर्ज है जिनमें से चीन हमारा वास्तविक मित्र नहीं हैं।

हम हर वक्त चीन के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में हैं। मूनी ने कहा, हमने चीन और जापान से 10-10 खरब डॉलर का कर्ज ले रखा है। कर्ज के इसी बढ़ते बोझ के चलते सांसद मूनी ने 19 खरब डॉलर के नए महामारी राहत पैकेज का विरोध किया। अमेरिका पर ब्राजील का भी 258 अरब डॉलर का कर्ज है। जबकि 2000 में अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण 2.34 खरब डॉलर रह चुका है, जिसमें प्रति व्यक्ति 72,309 डॉलर के कर्ज जाल में था।
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2050 तक होगा 10.4 खरब डॉलर अतिरिक्ति कर्ज
अमेरिकी सांसद एलेक्स मूनी ने कहा, पूर्व डेमोक्रेट राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आठ साल तक देश का नेतृत्व किया और उनके शासनकाल में कर्ज का बोझ बहुत तेजी से बढ़ा। जबकि कांग्रेशनल बजट ऑफिस का अनुमान है कि 2050 तक अमेरिका 10.4 खरब डॉलर का अतिरिक्ति कर्ज ले लेगा। यह बहुत ही भयावह आंकड़ा है।

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अमेरिका में 19 खरब डॉलर का कोरोना राहत बिल पारित

शनिवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) ने 19 खरब डॉलर के कोरोना वायरस राहत पैकेज संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति जो बाइडन के इस पैकेज से कोविड-19 महामारी के कारण संकट का सामना कर रहे लोगों, कारोबारियों, राज्यों और शहरों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। प्रतिनिधि सभा में 212 के मुकाबले 219 वोट से इस विधेयक को पारित कर दिया गया।

डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि अब भी अर्थव्यवस्था पूरी तरह संभल नहीं पाई है और लाखों लोगों की नौकरियां चली गई हैं। रिपब्लिकन सांसदों ने कहा, विधेयक में बहुत अधिक खर्च का प्रावधान है जबकि स्कूलों को खोलने के लिए ज्यादा राशि की व्यवस्था नहीं की गई है। सदन में अल्पमत के नेता केविल मैकार्थी ने कहा मेरे सहयोगी इस विधेयक को साहसिक कदम बता रहे हैं, लेकिन यह महज दिखावटी है। इसमें राशि का सही से आवंटन नहीं हुआ है। प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि कानून बनने के बाद न्यूनतम वेतन में भी बढ़ोतरी होगी।
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