डेमोक्रेटिक पार्टी के 140 सांसदों ने भविष्य में मुसलमानों पर यात्रा प्रतिबंध न लगाने और धार्मिक आधार पर भेदभाव खत्म करने के लिए संसद में एक विधेयक दोबारा पेश किया है। सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख जेरोल्ड नाडलर और जूडी चू ने राष्ट्रीय मूल-आधारित गैर प्रवासियों के लिए भेदभाव रोधी अधिनियम प्रतिनिधि सभा में पेश किया जबकि सीनेट में सीनेटर क्रिस कॉन्स ने इसे पेश किया।
भारतीय-अमेरिकी सांसद एमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और राजा कृष्णमूर्ति विधेयक का समर्थन करने वालों में शामिल हैं। नाडलर ने कहा, जब ट्रंप प्रशासन ने विदेशों को नापसंद करने वाला मुस्लिम यात्रा प्रतिबंध जारी किया था तभी यह स्पष्ट हो गया था कि यह असंवैधानिक है, भेदभावकारी है तथा नैतिक रूप से निंदनीय है।
जूडी चू ने कहा कि मुसलमानों पर यात्रा प्रतिबंध लगाना अमेरिका पर एक घृणित धब्बा है। उन्होंने कहा कि यह कानून सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी राष्ट्रपति लोगों को सिर्फ धर्म की वजह से प्रतिबंधित नहीं कर पाए। सीनेटर कॉन्स ने कहा, हमने यात्रा प्रतिबंध के दुखद पन्ने को पलट दिया है और अब नया अध्याय लिखना चाहिए।