अमेरिका के न्यू हैम्पशायर के डिक्सविल-नॉच और मिल्सफील्ड में मंगलवार को पहला मत पड़ने के साथ राष्ट्रपति चुनाव का आखिरी दिन शुरू हुआ। अमेरिका के करीब 16 करोड़ मतदाता 538 निर्वाचक मंडल चुन रहे हैं। मौजूदा राष्ट्रपति और रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप या डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन में से जिसे भी निर्वाचन मंडल के 270 का समर्थन हासिल होगा वह देश का 46वां राष्ट्रपति बनेगा।
इस बार चुनाव परिणाम सामने आने में देरी हो सकती है। वजह, करीब 10 करोड़ डाक मतपत्रों की गिनती और व्यक्तिगत तौर पर पूर्व में हो चुके मतदान को बताया गया है। अगर 77 साल के बिडेन चुनाव जीते तो वह अमेरिका के इतिहास के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति होंगेय़ खास बात है कि 1942 में जन्मे बिडेन 29 वर्ष की उम्र में अपने समय के सबसे युवा सीनेटर चुने गए थे।
10 करोड़ डाक मतपत्रों की गिनती के कारण परिणाम में देरी के आसार
अगर ट्रंप दूसरा कार्यकाल हासिल कर लेते हैं तो वह भी 74 वर्ष की उम्र में राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति होंगे। वहीं कोरोना महामारी के बीच हो रहे इन चुनाव में विशेषज्ञों के अनुसार, मतदान के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। यहां पहले ही डाक मतपत्र और नागरिकों द्वारा स्वयं किए गए मतदान का आंकड़ा सोमवार रात तक 9.76 करोड़ हो चुका था। 2016 में कुल 13.9 करोड़ वोट डाले गए थे। मंगलवार को होने वाले मतदान के बाद यह रिकॉर्ड टूटने की पूरी संभावना है।
हिंसा की आशंका, कारोबार बंद, व्हाइट हाउस की बाड़बंदी
चुनाव और परिणामों से पहले अमेरिका में प्रमुख व्यावसायिक व खरीदारी के स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। कई दुकानों और शोरूम के बाहर लकड़ियों के प्लेटफार्म व सुरक्षा की जा रही है। न्यूयॉर्क, बोस्टन, ह्यूस्टन, वाशिंगटन डीसी, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को में सुरक्षा के लिए शोरूम में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए हैं। वहीं व्हाइट हाउस के चारों और स्थाई पाबंदी की गई है। विभिन्न सरकारी संस्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है मौजूदा चुनाव अमेरिका के इतिहास का सबसे विभाजनकारी चुनाव माना जा रहा है। हाल में ब्लैक लाइव्स मैटर विरोध प्रदर्शन के दौरान यहां करीब 7 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति लूटी या नष्ट की गई थी।
परिणाम पर मुकदमेबाजी होने की भी आशंका
परिणाम आने से पहले ही डेमोक्रेट्स और रिपब्लिक दोनों पक्षों ने अमेरिका के प्रमुख वकीलों से संपर्क कर लिया है। माना जा रहा है कि परिणामों को लेकर अमेरिका के इतिहास में पहली बार दफा बड़े स्तर पर मुकदमेबाजी होने जा रही है। अगर हार जीत का अंतर कम रहता है तो मंगलवार के बाद आए डाक मतपत्रों को गिनती के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अदालत जाने का दावा ट्रंप पहले ही कर चुके हैं। जो बिडेन भी इन हालात के लिए तैयार हैं।
कमला हैरिस के गांव में 'जय हो'
उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेट्स की उम्मीदवार और भारतीय मूल के नागरिक कमला हैरिस की जीत के लिए चेन्नई से 220 किलोमीटर दूर स्थित उनके गांव तुला सेंथि रामपुरा में विशेष प्रार्थना की जा रही है। यहां ग्रामीणों ने मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें उनके समर्थन में बैनर भी लगाए गए। कमला की मां श्यामला गोपालन का जन्म यहीं हुआ था, उनके पिता पीवी गोपालन सिविल अधिकारी थे।
श्यामला पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और कैंसर विशेषज्ञ बनी। यहां उन्होंने जमैका मूल के डोनाल्ड से शादी की और कमला का जन्म हुआ। कमला जीतीं तो अमेरिका में इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय अमेरिकी होंगी।