जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा में सीएनएन के स्टूडियो में हुई बहस को करीब 8 करोड़ लोगों ने देखा। ट्रंप ने जहां बाइडन को बूढ़ा और बेकार करार दिया, तो वहीं बाइडन ने कहा कि उनकी उम्र को लेकर अलोचना बेतुकी है, क्योंकि ट्रंप उनसे सिर्फ तीन साल छोटे हैं।
अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बृहस्पतिवार को पहली प्रेसिडेंशियल बहस हुई। दोनों ने करीब 75 मिनट तक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और निजी हमले किए। ट्रंप ने जहां बाइडन को मंचूरियन कहते हुए आरोप लगाया कि बाइडेन को चीन से पैसे मिलते हैं। वहीं, बाइडन ने ट्रंप को लूजर और बेवकूफ बोलते हुए कहा कि जब उनकी पत्नी गर्भवती थी, तो ट्रंप पोर्न स्टार से संबंध बना रहे थे।
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जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा में सीएनएन के स्टूडियो में हुई बहस को करीब 8 करोड़ लोगों ने देखा। ट्रंप ने जहां बाइडन को बूढ़ा और बेकार करार दिया, तो वहीं बाइडन ने कहा कि उनकी उम्र को लेकर अलोचना बेतुकी है, क्योंकि ट्रंप उनसे सिर्फ तीन साल छोटे हैं। इस पर ट्रंप ने कहा कि वे अब भी पूरी तरह फिट हैं। उन्होंने हाल में ही गोल्फ चैंपियनशिप जीती है। अगर बाइडन को गोल्फ स्टिक पकड़ा दी जाए, तो वे बॉल को 50 गज दूर भी नहीं मार पाएंगे। इस दौरान ट्रंप पेरिस समझौते पर भी बोले और कहा, मैंने अमेरिका को समझौते से बाहर किया क्योंकि भारत व चीन पैसे नहीं दे रहे थे। जबकि, अमेरिकी लोगों को समझौते के तहत एक लाख करोड़ डॉलर देने थे। बाइडन बोले-अगर ट्रंप राष्ट्रपति बने तो जलवायु परिवर्तन पर हुए कामों को नष्ट कर देंगे।
ये हैं बहस के नियम और हार-जीत का फॉर्मूला
बहस की मेजबानी सीएनएन के दो एंकर जेक टैपर और डाना बैश ने की। इन्हें मध्यस्थ या मॉडरेटर भी कहा जाता है। इसे प्रेसिडेंशियल डिबेट कहा जाता है, क्योंकि सीधे तौर पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच होती है। बहस के दौरान दोनों उम्मीदवार एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं और आरोपों का जवाब देते हैं। आरोप-प्रत्यारोप और जवाब से के लिए बारी-बारी से दोनों को एक-एक मिनट का समय मिलता है। जबकि, एंकरों की तरफ से अहम मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब देने के लिए दो मिनट का समय दिया जाता है। बहस के बाद हार-जीत चार बड़े पैमानों पर तय होती है। इन चार पैमानों में मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय, ओपिनियन पोल्स के नतीजे, सोशल मीडिया का रुख और वोटिंग इंटेंशन सर्वे शामिल होते हैं।
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अधिकांश ने ट्रंप को माना विजेता
फिलहाल दोनों की बहस को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। वहीं, अमेरिका के ज्यादातर बड़े मीडिया हाउस व न्यूज चैनलों ने बहस में ट्रंप को विजेता करार दिया है। सीएनएन के इंस्टेंट पोल में भी 67 फीसदी से ज्यादा लोगों ने ट्रंप को विजेता माना है।
बहस के केंद्र में रहे ये बड़े सवाल
चीन से आने वाला नशीला पदार्थ फेंटानिल
एंकरों ने नशे की ओवरडोज से बढ़ रही मौतों पर सवाल किया तो ट्रंप ने कहा, बाइडन के कार्यकाल में देश को बहुत नुकसान हुआ है। इनको चीन से पैसे मिलते हैं। वे एक मंचूरियन कैंडिडेट हैं। इसका जवाब देते हुए बाइडन बोले-ट्रंप के आरोप झूठे हैं। मेरे कार्यकाल में चीन से हो रही फेंटानिल की तस्करी में कमी आई है।
अर्थव्यवस्था मजबूत हुई फिर भी जरूरी सामान महंगा
एंकरों ने बाइडन से पूछा देश में महंगाई बढ़ने की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अब भी जरूरी सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस पर बाइडन बोले, सब जानते हैं, ट्रंप मेरे लिए बीमार अर्थव्यवस्था छोड़कर गए थे। हमने 15 हजार नई नौकरियां पैदा की हैं, आगे और करेंगे। ट्रंप बोले- बाइडेन ने सिर्फ अवैध प्रवासियों को नौकरियां दी हैं। जबकि, मैंने अमेरिका के लोगों को सबसे ऊपर रखा था।
कर व्यवस्था में अमीरों को फायदा
ट्रंप से पूछा गया कि उन्हें क्यों लगता है कि अमेरिका के अमीरों को कम टैक्स देना चाहिए व आम लोगों पर टैक्स का बोझ कितना सही है। इस पर ट्रंप बोले-मैंने सिर्फ अमीरों को ही नहीं बल्कि सभी के टैक्स में छूट दी थी। वहीं, बाइडन ने इस पर दो टूक कहा कि ट्रंप ने टैक्स में कटौती कर देश के अमीरों को फायदा पहुंचाया है।
विदेश नीति, अफगानिस्तान व युद्ध
ट्रंप से बाइडन की विदेश नीति की आलोचना पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बाइडन अब तक के सबसे बुरे कमांडर-इन-चीफ साबित हुए हैं। उनका इशारा अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी पर था। इस पर बाइडन ने ट्रंप को उनका एक पुराना बयान याद दिलाया, जिसमें उन्होंनेे देश के सैनिकों को लूजर कहा था।