अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले हो रहे प्रेसिडेंशियल डिबेट में वैसे तो कई मुद्दे हावी रहे, लेकिन इस दौरान डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने दावा किया है कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप अगर राष्ट्रपति बनते हैं तो वे राष्ट्रीय गर्भपात प्रतिबंध पर हस्ताक्षर करेंगे।
मैं गर्भपात को बैन नहीं करूंगा- ट्रंप
कमला हैरिस के इस दावे पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं गर्भपात को प्रतिबंधित नहीं करूंगा, इस मुद्दे पर देश 52 साल तक बंटा रहा है, अमेरिका के सभी राज्य गर्भपात पर अब खुद फैसले ले रहे हैं। इस लिए मुझे इस बिल पर वीटो की जरूरत नहीं होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि गर्भपात के अधिकार को खत्म करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस मुद्दे को राज्यों को वापस दे दिया है. उन्होंने कहा, मैं गर्भपात बैन पर साइन नहीं कर रहा हूं, उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय गर्भपात प्रतिबंध की जरुरत नहीं है।
डेमोक्रेट कट्टरपंथी गर्भपात को ठीक मानते हैं- ट्रंप
2022 में, यूएस सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को समाप्त कर दिया, जिसे ऐतिहासिक रो बनाम वेड फैसले की तरफ से स्थापित किया गया था। 1973 के फैसले ने पूरे देश में गर्भपात को वैध कर दिया था। ट्रंप ने आगे कहा कि डेमोक्रेट कट्टरपंथी हैं जो नौवें महीने में गर्भपात को ठीक मानते हैं।
ट्रंप की वजह से 20 राज्यों में गर्भपात पर बैन- कमला
वहीं इस दौरान जब कमला हैरिस से सवाल पूछा गया कि आपके उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार ने कहा था कि 9वें महीने में गर्भपात कराने या बच्चे को पैदा होने के बाद मारने में कोई परेशानी नहीं है। इस पर उन्होंने जवाब दिया की, ट्रंप झूठ बोल रहे हैं. उनकी वजह से ही आज अमेरिका के 20 राज्यों में गर्भपात पर बैन लगा है। इस वजह से रेप पीड़िता को अपने लिए फैसले लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
गर्भपात की इजाजत वाले बिल पर करूंगी हस्ताक्षर- हैरिस
कमला हैरिस ने आगे कहा कि ट्रंप के पास महिलाओं को ये बताने का अधिकार नहीं है कि उनको अपने शरीर के साथ क्या करना चाहिए। अगर मैं राष्ट्रपति चुनाव जीती तो गर्भपात की इजाजत वाले बिल पर जरूर हस्ताक्षर करूंगी। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस से सवाल किया क्या वह गर्भावस्था के 7वें, 8वें और 9वें महीने में गर्भपात करवाने की इजाजत महिलाओं को देंगी। इस पर उन्होंने कहा कि- यह सब झूठ है, ट्रंप की नीतियों की वजह से गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
बाइडन के हटने के बाद हैरिस बनीं उम्मीदवार
बता दें कि जुलाई महीने में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बहस में राष्ट्रपति जो बाइडन की बुरी हार के बाद फिर से चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद कमला हैरिस को कमान सौंपी गई है। डोनाल्ड ट्रंप शुरू में राष्ट्रीय चुनावों में आगे चल रहे थे, लेकिन कमला हैरिस के आने से स्थिति बदल गई है। नए सर्वेक्षणों के अनुसार पता चलता है कि दोनों नेता बराबरी पर हैं, जिसमें डेमोक्रेट अपनी रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी पर मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। अगर कमला हैरिस नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में जीत जाती हैं, तो वे अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बन जाएंगी।