अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कुछ ही दिन के अंदर अपनी नई चीन नीति घोषित करने वाले हैं। उनकी तरफ से इस नीति का एलान विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन करेंगे। बताया जाता है कि इसमें बाइडेन प्रशासन ‘उभरते चीन के खिलाफ 21वीं सदी में जीत हासिल करने’ की अपनी रणनीति का ब्योरा देगा।
वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस नीति का एलान अगले हफ्ते होने वाले अमेरिका-आसियान शिखर सम्मलेन से पहले कर दिया जाएगा। ये शिखर सम्मेलन वाशिंगटन में होगा। इस सम्मेलन के बाद जो बाइडन दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे। उसके बाद 24 मई को क्वाड्रैंगुलर सिक्योरिटी डॉयलॉग (क्वैड) के नेताओं की शिखर बैठक ऑस्ट्रेलिया में होगी। पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन की नई चीन नीति से इन तमाम बैठकों में बातचीत के एजेंडे को दिशा मिलेगी।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक अब तक यह स्पष्ट हो चुका है कि बाइडन प्रशासन की विदेश नीति में चीन संबंधी चिंता केंद्रीय बिंदु है। पिछले फरवरी में प्रशासन ने अपनी इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी जारी की थी। उसमें भी बाइडन प्रशासन की चीन नीति को साफ किया गया था। उस दस्तावेज में कहा गया था कि अमेरिका का मकसद चीन के अंदरूनी ढांचे को बदलना नहीं है। लेकिन वह उस रणनीतिक माहौल को बदलना चाहता है, जिसमें चीन काम करता है। अमेरिका दुनिया में रणनीतिक माहौल को इस रूप में ढालना चाहता है, जो अमेरिका और उसके साथी देशों के अनुकूल हो।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय में चीन संबंधी मामलों के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि नई चीन रणनीति का मकसद ट्रंप प्रशासन की नीति को बेहतर रूप देकर पेश करना है। साथ ही इसमें सहयोगी देशों की भूमिका का भी जिक्र होगा। उस विशेषज्ञ ने वेबसाइट पॉलिटिको को बताया कि ये नीति पिछले नवंबर से राष्ट्रपति की मेज पर है। तब से इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। बताया जाता है कि नई नीति का सार भी वही है, जिसे जो बाइडन ने जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद घोषित किया था। तब उन्होंने कहा था- 21वीं सदी में विजयी होने के लिए चीन और अऩ्य देशों के साथ हमारी प्रतिस्पर्धा चल रही है।