बाइडन और पुतिन शिखर सम्मेलन के लिए जिनेवा में लेकसाइड विला पहुंच गए हैं। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब दोनों देशों के नेताओं का मानना है कि अमेरिका और रूस के संबंध पहले कभी इतने खराब नहीं रहे। पिछले चार महीनों से दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। बाइडन ने अमेरिकी हितों पर रूस समर्थित हैकरों के साइबर हमलों को लेकर पुतिन की कई बार आलोचना की है, जबकि पुतिन का कहना है कि उनके देश ने न तो अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप किया और न ही किसी प्रकार के साइबर हमले किए। साल 2011 के बाद पहली बार दोनों देशों के नेता आमने-सामने मुलाकात करेंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बुधवार को स्विट्जरलैंड की राजधानी में बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। दोनों नेता अब पहली बार आमने-सामने मुलाकात करेंगे। इस बैठक के चार से पांच घंटे तक चलने की संभावना हैं। हालांकि, दोनों ही पक्षों को इस बैठक से कोई खास उम्मीद नहीं है। बाइडन का कहना है कि यदि दोनों देश अपने संबंधों में अंतत: स्थिरता ला पाते हैं, तो यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
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बाइडन ने कहा है कि अमेरिका और रूस अगर अपने संबंधों में 'स्थिरता और गंभीरता' लाते हैं तो यह महत्वपूर्ण कदम होगा। अमेरिका को अपना कट्टर विरोधी मानने वाले शख्स के साथ वार्ता से पहले राष्ट्रपति का यह नरम रुख है। बाइडन ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि हमें निर्णय करना चाहिए कि क्या सहयोग करना हमारे हित में, दुनिया के हित में है और देखना चाहिए कि हम ऐसा कर सकते हैं या नहीं। जहां सहमति नहीं बनती है वहां स्पष्ट कीजिए कि गतिरोध क्या है।
वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच गतिरोध टूटने की उम्मीद नहीं है और रूस व अमेरिका के बीच के संबंधों में स्थिति काफी कठिन बनी हुई है। शिखर सम्मेलन से कुछ घंटे पहले पेसकोव ने कहा, 'बहरहाल, तथ्य यह है कि दोनों राष्ट्रपति बैठक करने पर सहमत हुए हैं और उन्होंने समस्याओं के बारे में खुलकर बातचीत करने की शुरुआत की है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।'
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बता दें कि पहले, बाइडन, पुतिन, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव एक बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान हर पक्ष के साथ एक-एक अनुवादक भी होगा। इसके बाद दोनों पक्षों के पांच-पांच वरिष्ठ सहयोगी बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान बाइडन अमेरिकी चुनाव में कथित रूसी साइबर हमले समेत मानवाधिकार के मुद्दे उठा सकते हैं। साथ ही वह दोनों देशों के बीच सहयोग वाले क्षेत्रों पर भी चर्चा कर सकते हैं।