अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पाकिस्तान पर निशाना साधा है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के लिए एक फंड जुटाने के कार्यक्रम के दौरान बाइडन ने पाकिस्तान को दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक करार दिया। इतना ही नहीं बाइडन ने इटली और हंगरी जैसे देशों पर भी निशाना साधा।
गौरतलब है कि बाइडन लगातार दक्षिणपंथी देशों में लोकतंत्र की गिरती स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध में पुतिन के समर्थन करने वाले देशों पर बयान देते रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने इन तीन देशों को घेरा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि इस देश ने बिना किसी सामंजस्य के परमाणु हथियार जुटा रखे हैं।
बाइडन के बयान से पाकिस्तान की उम्मीदों को झटका
बाइडन के इस बयान की टाइमिंग काफी अहम है। दरअसल, हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा अमेरिका में थे। यहां उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ कई और नेताओं से मुलाकात भी की थी। माना जा रहा था कि बाजवा की यह मुलाकात अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों के लिए अहम साबित होगी। हालांकि, अब बाइडन के इस बयान से एक बार फिर अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों में पड़ी दरार सामने आ गई है।
रूस से अच्छे रिश्तों की वजह से हंगरी को लताड़ा
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का काफी करीबी माना जाता है। इसे लेकर बाइडन ने खतरा जताते हुए कहा, "आप दुनियाभर में जारी चर्चाओं को देखें, खासकर लोकतंत्र के क्या मायने हैं, इस मुद्दे पर। लेकिन जब आप हंगरी को देखते हैं, जो कि एक नाटो का सदस्य है। मैं आपको उसके लोकतंत्र के बारे में बताकर बोर कर सकता हूं।"
अमेरिकी राजदूत तलब
पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया है। विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने शनिवार को कहा कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर से देश की परमाणु क्षमता के बारे में दिए गए बयान के बाद अमेरिकी राजदूत को तलब करने का फैसला किया है।