अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के शासन के पहले साल और 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को लेकर लिखी गई आने वाली किताब 'दिस विल नॉट पास: ट्रंप, बाइडन एंड द बैटल फॉर अमेरिकन डेमोक्रेसी' में देश के शीर्ष स्तर के नेताओं के बीच छिड़े विवादों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। इस किताब के लेखक द न्यूयॉर्क टाइम्स के दो पत्रकारों- एलेक्जेंडर बर्न्स और जोनाथन मार्टिन हैं।
कौन, किससे नाराज; क्या रहे बाइडन और हैरिस के बीच विवाद?
इस किताब में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बीच उभरे कई विवादों का ब्योरा दिया गया है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाला खुलासा बाइडन की ओर से हैरिस की शक्तियों को सीमित करने का है। बताया गया है कि कमला हैरिस ने एक समय बाइडन को चेतावनी दी थी कि वे उन्हें सिर्फ नस्लीय और महिलाओं के मामलों तक सीमित करने की कोशिश न करें। कमला हैरिस ने अपनी चिंताएं साफ शब्दों में बताईं और अपनी जिम्मेदारियां न निभा पाने के लिए बाइडन को आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
किताब में आरोप लगाया गया है कि जो बाइडन के कमला हैरिस से निजी संबंध भी ठीक नहीं रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके हर बड़े फैसले में आखिरी आवाज उपराष्ट्रपति की ही होगी। मंगलवार को पोलिटिको में छपे किताब के एक अंश में कहा गया है कि 79 साल के जो बाइडन और 57 साल की कमला हैरिस के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं, लेकिन वे ज्यादा करीब नहीं हैं।
गिरती लोकप्रियता से चिंता में हैरिस
इस किताब में न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टरों ने सीनेट (संसद के उच्च सदन) के सांसद का भी वर्जन छापा है। इसमें कहा गया है कि कमला हैरिस की गिरती राजनीतिक छवि बिल्कुल प्राचीन ग्रीस की त्रासदी की तरह है। नाम न उजागर करने की शर्त पर इस सांसद ने कहा लोकप्रियता में कमी से हैरिस की झुंझलाहट भी सातवें आसमान पर है। उनकी अप्रूवल रेटिंग, जो कि लोकप्रियता का मानक होती हैं, इस वक्त बाइडन से भी कम हैं और फिलहाल बाइडन के बाद राष्ट्रपति बनने का उनका सपना भी प्रतिद्वंदी नेताओं की वजह से खतरे में है।
किन मुद्दों पर बाइडन से नाराज हैं हैरिस?
व्हाइट हाउस के ही अंदरूनी सूत्रों की मानें तो कमला हैरिस खुद खुद को मिली जिम्मेदारियों से भी नाराज हैं। उन्हें फिलहाल मताधिकार सुरक्षा कानून को संसद में पास कराने और सेंट्रल अमेरिका में बढ़ रही शरणार्थियों की समस्या को सुलझाने की जिम्मेदारी मिली है। इसी को लेकर हैरिस की शिकायत है कि वे सिर्फ महिलाओं और अश्वेत अमेरिकियों के विषय तक सीमित किए जाने के खिलाफ हैं। उन्होंने संसद में मताधिकार से जुड़े विधेयक के पास न हो पाने पर भी बाइडन को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ राष्ट्रपति का रुख अभी भी सख्त नहीं है।
लीक पर बाइडन खफा, लेकिन उनके अधिकारी हैरिस पर लगा रहे आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कथित आरोपों को लेकर जो बाइडन ने नाराजगी जताई है और अपने स्टाफ को चेतावनी दी है कि वे उपराष्ट्रपति के बारे में नकारात्मक खबरें फैलाने वालों को बख्शेंगे नहीं। हालांकि, बाइडन की संचार निदेशक केट बेडिंगफील्ड ने कथित तौर पर कमला हैरिस पर ही प्रेस में उपराष्ट्रपति के नकारात्मक हालात खड़े करने के आरोप लगाए हैं। किताब में बेडिंगफील्ड के हवाले से ही छपा है कि कमला हैरिस उम्मीद अपने पूरे करियर में उम्मीद के मुताबिक, काम नहीं कर पाई हैं।
किताब में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति बाइडन की पत्नी और अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने भी कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति के तौर पर नामित करने पर संशय जताया था। जिल का मानना था कि राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के बीच होने वाले वाद-विवाद में कमला हैरिस ने जो बाइडन पर जबरदस्त हमले किए थे। जिल बाइडन ने कथित तौर पर राष्ट्रपति के सहयोगियों से कहा था- "अमेरिका में करोड़ो लोग हैं...क्या हमें ऐसे को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित करने की जरूरत है, जिसने जो पर जुबानी हमले बोले?"