फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल और डोनाल्ड ट्रंप।
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डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से पूरी दुनिया में हलचल मचा रखी है। चाहे रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास संघर्ष का मुद्दा हो या अलग-अलग देशों के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ना या चीन को सीधे तौर पर मुश्किल में डालने का। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आक्रामक रवैये के बीच एक चेहरा ऐसा भी है, जिसे ट्रंप प्रशासन लंबे समय से हटाना चाहता है, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद वह ऐसा कर नहीं पा रहा। जिस शख्स की बात हो रही है, उनका नाम है जेरोम पॉवेल। पॉवेल 2018 से ही अमेरिका के केंद्रीय बैंक- फेडरल रिजर्व के प्रमुख हैं।
आखिर जेरोम पॉवेल कौन हैं? आखिर डोनाल्ड ट्रंप उन्हें हटाना क्यों चाहते हैं? खुद पॉवेल की इस पर क्या राय है? अगर अमेरिकी राष्ट्रपति उन्हें हटाना चाहते हैं तो वे ऐसा कर क्यों नहीं पा रहे? आइये जानते हैं अमेरिका के इस अफसर और उसकी ताकत के बारे में...
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति बनने के बाद खुद ही पॉवेल की नियुक्ति की थी। हालांकि, बीते सात साल से ज्यादा समय से वे इस पद पर बने हुए हैं। वहीं, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भी वे फेड चीफ बने हुए हैं।
अपने ही नियुक्ति किए अफसर से क्यों नाराज हैं ट्रंप?
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर फेडरल रिजर्व प्रमुख को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, "तेल के दाम नीचे जा रहे हैं, राशन (यहां तक कि अंडे) की कीमतें भी कम हैं, और अमेरिका टैरिफ लगाकर अमीर हो रहा है। ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक- इंग्लैंड सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की तरह हमें भी ब्याज दरें लंबे समय पहले घटा देनी चाहिए थीं। लेकिन उन्हें अब तो यह करना ही चाहिए।"
ट्रंप का यह गुस्सा अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तरफ से कर्ज पर ब्याज दरें न घटाए जाने पर आया है। दरअसल, जेरोम पॉवेल साफ कर चुके हैं कि अमेरिका में जिस तरह से आयात शुल्क लगाए जाने का फैसला हुआ है, इस उठापटक के बीच वह फिलहाल ब्याज दरें नहीं घटाएंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले से आने वाले समय में महंगाई बढ़ेगी और विकास दर गिरेगी। हालांकि, पॉवेल की तरफ से अपनी आर्थिक नीति की आलोचना ने डोनाल्ड ट्रंप को खासा नाराज कर दिया है।
उन्होंने एक मौके पर कहा...
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दरअसल, ट्रंप का दावा है कि दुनिया के प्रमुख देशों पर उनकी तरफ से लगाए गए टैरिफ की वजह से राजस्व बढ़ेगा और इससे अमेरिका का फिर से उभार होगा। दूसरी तरफ पॉवेल समेत अमेरिकी अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि अगर अमेरिका विदेश से आई चीजों पर आयात शुल्क वसूलता है, तो विदेशी उत्पादों के दाम बढ़ जाएंगे और अमेरिका में महंगाई भी ज्यादा होगी।
इतना ही नहीं जेरोम पॉवेल ने ट्रंप को चुनौती देने वाले अंदाज में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता का भी हवाला दिया।
उन्होंने कहा...
अमेरिका में महंगाई की क्या स्थिति है?
अमेरिका में 2022 और 2023 में केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती करके ही महंगाई दर को कम किया था। इसके चलते महंगाई अपने उच्चतम स्तर 9 फीसदी से पिछले महीने 2.4 फीसदी के स्तर पर आ पाई थी। फेड का लक्ष्य है कि महंगाई दर 2 फीसदी के नीचे आ जाए। वहीं, ब्याज दरों की बात करें तो मौजूदा समय में अमेरिका में ब्याज दरें 4.25% से 4.50% के बीच हैं।
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नाराजगी के बावजूद जेरोम पॉवेल को हटा क्यों नहीं पा रहे ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के पहले से ही जेरोम पॉवेल को लेकर नाराजगी जताते रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद राष्ट्रपति बनने के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप उन्हें पद से हटा नहीं पा रहे। इसकी वजह 1913 का फेडरल रिजर्व एक्ट है। इसके मुताबिक, कोई राष्ट्रपति केंद्रीय बैंक के प्रमुख को सिर्फ ठोस वजह मिलने पर ही हटा सकता है।
- अदालतों के फैसलों में यह वजह- दुर्व्यवहार, अक्षमता या दुराचार हो सकती है। 1933 में पहली बार तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डिलानो रूजावेल्ट ने इसी तरह के टकराव के बाद फेड प्रमुख विलियम हम्फ्री को हटा दिया था।
- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एकमत फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति सही वजह बताकर फेड प्रमुख को हटा सकते हैं। इस तरह संसद की तरफ से बनाए गए नियम को एक बार फिर मान्यता मिल गई और हम्फ्री अपने पद पर बने रहे।