अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए कई देशों से अपील की है। इन देशों में से ऑस्ट्रेलिया ने इस प्रस्ताव को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। वहीं, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने कहा कि वह देश को युद्ध में नहीं धकेलेंगे। वहीं, जर्मनी ने ट्रंप से युद्ध को खत्म करने की योजना बताने की मांग की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में ब्रिटेन और फ्रांस के रुख पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि इन देशों को इस अभियान में अधिक उत्साह के साथ शामिल होना चाहिए।
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ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेना है और उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि फ्रांस इस पहल में सहयोग करेगा।
मैक्रों ने पेजेशकियन से की हमले रोकने पर बातचीत
इससे पहले मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत कर पश्चिम एशिया के देशों पर ईरान या उसके सहयोगी समूहों के हमले तुरंत रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि फ्रांस क्षेत्र में अपने हितों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान हजारों लक्ष्यों को निशाना बनाया है। उनके अनुसार अब तक 7 हजार से अधिक सैन्य और आर्थिक ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं, जिससे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप दुनियाभर के देशों से कर रहे सहयोग की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पैदा करने वाली ईरानी नौसैनिक क्षमता को भी काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और कई जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।
इस बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप यूरोपीय सहयोगियों से लगातार संपर्क में हैं और उनसे इस अभियान में अधिक समर्थन देने की अपील कर रहे हैं।