यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और अमेरिका के रिश्तों में खटास आई हुई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के न्यू स्टार्ट संधि के प्रस्ताव पर खुशी जताई और कहा कि न्यू स्टार्ट संधि एक अच्छी पहल है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप से जब न्यू स्टार्ट संधि को लेकर पुतिन के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि 'सुनकर अच्छा लग रहा है। ये अच्छा विचार है।'
न्यू स्टार्ट संधि को जारी रखने पर दिया जोर
दरअसल बीती 22 सितंबर को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने रूसी सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कहा कि रूस न्यू स्टार्ट (New Strategic Arms Reduction Treaty) संधि के तहत तय प्रतिबंधों का अगले एक साल के लिए और पालन जारी रखने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि यह तभी संभव होगा, जब अमेरिका भी इसका पालन जारी रखे। दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों को लेकर हुई यह संधि अगले साल फरवरी में समाप्त होने वाली है। रूस की सरकार ने कहा है कि वे यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि रूस की सुरक्षा चिंताओं का समाधान होना चाहिए। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावारोव ने भी बीती 27 सितंबर को अपने एक बयान में भी यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर चर्चा की बात कही।
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'यूक्रेन संघर्ष रोकने के लिए बातचीत के लिए तैयार'
लावारोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जैसा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार जोर दे रहे हैं कि रूस संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि रूस की सुरक्षा अहम है और उसकी चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए। साथ ही रूस और रूसी भाषा बोलने वाले लोगों को अधिकारों को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए। इसके आधार पर हम यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
क्या है न्यू स्टार्ट संधि
न्यू स्टार्ट संधि रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण के उद्देश्य से की गई संधि है। यह संधि, अमेरिका और रूस द्वारा तैनात किए जाने वाले सामरिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती है। साल 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और तत्कालीन रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यह संधि फरवरी 2011 में लागू हुई और साल 2021 में इसे पांच साल के लिए बढ़ाया गया। इस समझौते के तहत अमेरिका और रूस निम्न बातों को मानने के लिए प्रतिबद्ध हैं-
1,550 से ज्यादा सामरिक परमाणु हथियार और अधिकतम 700 लंबी दूरी की मिसाइलें और बमवर्षक तैनात नहीं किए जाएंगे।
800 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों से ज्यादा की तैनाती नहीं की जाएगी।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि दूसरे पक्ष ने संधि की सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया है, दोनों पक्ष हर साल सामरिक परमाणु हथियार स्थलों का अधिकतम 18 बार निरीक्षण कर सकते हैं।
कोविड महामारी के कारण मार्च 2020 में समझौते के तहत निरीक्षण रोक दिए गए थे।
निरीक्षण फिर से शुरू करने पर मास्को और वाशिंगटन के बीच पिछले नवंबर में मिस्र में वार्ता होनी थी, लेकिन रूस ने इसे स्थगित कर दिया और दोनों पक्षों ने कोई नई तारीख तय नहीं की है।