पूर्व छात्र नेता गेब्रियल बोरिक बने चिली के सबसे युवा राष्ट्रपति
वामपंथी झुकाव वाले पूर्व छात्र नेता गेब्रियल बोरिक ने चिली के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। बोरिक ने अपेक्षाकृत विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था होने के बावजूद हाल के वर्षों में असमानता को लेकर बार-बार बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों को झेलने वाले चिली में राजनीतिक और आर्थिक सुधार का संकल्प जताया। दक्षिण अमेरिकी देश के इतिहास में बोरिक (36) सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति हैं।
वह केवल चार साल के थे जब 17 साल की सैन्य तानाशाही के बाद देश में लोकतंत्र बहाल हुआ था, जिसने आधुनिक चिली के लिए आधार तैयार किया। बता दें, चिली को लंबे समय से लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी आर्थिक सफलता वाले देशों में से एक के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन पिछले एक दशक में इसे बार-बार कई बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा है।